शातिरों से सतर्क रहें, अगर कोई लोन देने के लिए फोन करे तो उससे बिल्कुल भी बात न करें। वरना आपका बैंक खाता खाली हो जाएगा। ज्यादा जानकारी के लिए खबर पढ़ें...
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सांकेतिक तस्वीर
लॉकडाउन में एकतरफ लोगों को बेरोजगारी की मार झेलनी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर शातिर ठग लोगों को पर्सनल लोन देने का झांसा देकर उनके खातों से मोटी रकम उड़ा रहे हैं। पूरे लॉकडाउन के दौरान शातिर ठग 70 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। जनवरी से अब तक 85 मामले सामने आ चुके हैं। 2019 में यह आंकड़ा सिर्फ 40 था। साइबर सेल भी इन्हें सुलझाने में नाकामयाब रही है। इसलिए इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। कोरोना वायरस के चलते 24 मार्च से लॉकडाउन लगा है। इससे लोगों के काम धंधे बंद हुए और सैकड़ों ने अपनी नौकरियां गवां दीं। इसी का फायदा उठाकर शातिर ठग पर्सनल लोन के तौर पर मोटी रकम पास करवाने का झांसा देने लगे। हैरानी की बात है कि लगातार इस तरह के मामले सामने आने के बावजूद यूटी पुलिस और साइबर सेल टीम कोई खास कदम नहीं उठा रही है। साइबर सेल के आंकड़ों के अनुसार, अब लोन देने का झांसा देकर सबसे ज्यादा ठगी हो रही है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
ऐसे दे रहे ठग लोन देने का लालच
ठग लोगों के मोबाइल पर फाइनेंस कंपनी या बैंक से लोन लेने के संबंधी मैसेज या फिर कॉल लगातार करते हैं। कई लोग मैसेज देखकर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल कर देते हैं। इसका फायदा उठाकर ठग खुद को बैंक का मैनेजर या फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताकर कम से कम पांच लाख की रकम पास होने का झांसा देता है। लोग झांसे में आते हैं तो वह बैंक डिटेल, आधार कार्ड, फोटो समेत अन्य कागजात को लेकर इसके एवज में कंपनी या बैंक लोन से संबंधित दस्तावेज उनके मोबाइल पर भेज देता है। इसके बाद वह लोन फीस, जीएसटी फीस, कमीशन आदि के नाम पर आपके खाते से सारी रकम उड़ा देता है।
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सांकेतिक तस्वीर
केस नंबर-1: लोन पास करवाने का झांसा देकर 16 हजार ठगे
अगस्त 2020 में साइबर सेल को दी शिकायत में दिनेश पांडेय ने बताया कि वह रायपुरखुर्द में रहते हैं। कुछ समय पहले उसके मोबाइल पर अमृत चौहान नामक एक व्यक्ति ने फोन करके कहा कि आपका पांच लाख रुपये का लोन पास हुआ है। इसके बाद उसने अमृत के झांसे में आकर बैंक से संबंधित व अन्य कागजात जमा कर दिए। शिकायत में बताया गया कि अमृत चौहान ने लोन की फीस 16,200 रुपये जमा करवाकर दोबारा बोला कि अब उसे जीएसटी की फीस 25,600 रुपये और जमा कराना होगा। ठगी का पता लगने के बाद सूचना साइबर सेल को दी गई।
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सांकेतिक तस्वीर
केस-2: फीस के तौर पर जमा करवाएं 2.37 लाख
जून 2020 में दड़वा निवासी सन्नी ने बताया कि उसके मोबाइल पर पर्सनल लोन के काफी सारे मैसेज आते रहे हैं। मैसेज का कोई जवाब नहीं देने पर एक दिन उसके मोबाइल पर एक फोन आया। बात करने वाले ने खुद को मुंबई की एक फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताते हुए अपना नाम कामिल खान बताया। उसने कहा कि वह तीस लाख रुपये का लोन पास करवा सकता है। इसके बाद शातिर ठग ने शिकायतकर्ता से लोन फीस जमा करवाने का झांसा देकर धीरे-धीरे 2.37 लाख रुपये जमा करवाकर उसके साथ ठगी कर ली।
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सांकेतिक तस्वीर
साइबर एक्सपर्ट राजेश राणा के सुझाव पर करें अमल
1. कोशिश करें कि लोन की जरूरत पर बैंक या फाइनेंस कंपनी में जाकर सीधे संपर्क करें
2. किसी भी अज्ञात नंबर से कॉल आने पर पूरी जानकारी जुटाकर ही दस्तावेज शेयर करें
3. खुद को बैंक या फाइनेंस कंपनी का अधिकारी बताने वाले से पूरी जानकारी लेकर ही कुछ बताएं
4. एक बार सोचें कि जब आपने लोन के लिए अप्लाई नहीं किया तो भला कोई क्यों आपको लोन दे रहा है
5. कॉलर के कहने पर बैंक डिटेल, दस्तावेज और कोई भी ऐप डाउनलोड करने से बचें
6. ठगी होने पर फौरन इसकी सूचना साइबर सेल को दें
7. कॉलर के कहने पर किसी भी तरीके की फीस न जमा करवाएं
केसों पर साइबर सेल लगातार काम कर रहा है। कई केसों को सुलझाया भी गया है। लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। ठगी की घटना के बाद फौरन सूचना साइबर सेल को दें, ताकि समय रहते अपराधियों पर लगाम लगाया जा सके। - रश्मि यादव, डीएसपी साइबर सेल