देश का सबसे ऊंचा तिरंगा अब छोटा हो गया है। इसके पीछे का असली सच भी आप जान लीजिए।
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अटारी बॉर्डर पर तिरंगा
भारत-पाकिस्तान सीमा के अटारी बॉर्डर पर लगा देश के सबसे बड़े तिरंगे का कद कुछ छोटा हो गया है। जिसका कारण है पाकिस्तानी क्षेत्र की तेज हवाएं और खराब मौसम।
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देश का सबसे ऊंचा तिरंगा हुआ छोटा
- फोटो : अमर उजाला
अब इस तिरंगे की ऊंचाई कुछ कम हो गई है । पाकिस्तान से चलने वाली तेज हवा के चलते बार-बार फटने के वजह से अब उसकी लंबाई, चौड़ाई कम कर दी गई है।
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देश का सबसे ऊंचा तिरंगा हुआ छोटा
- फोटो : अमर उजाला
पहले तिरंगे की लंबाई 120 फीट थी, अब घटाकर 72 फीट कर दी गई है। चौड़ाई पहले 80 फीट थी, अब घटाकर 48 फीट कर दी गई है। यह तिरंगा सोमवार को अटारी बार्डर पर फहराया जाएगा।
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राष्ट्रीय ध्वज
अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अब 72 फीट गुणा 48 फीट का तिरंगा लगाकर देखेगा। माना जा रहा है कि 355 फीट की ऊंचाई पर ज्यादा देर तक टिका रह सकेगा।
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अटारी बॉर्डर पर तिरंगा
शुक्रवार को छठी बार फहराने से पहले तिरंगा फटने के बाद नगर सुधार ट्रस्ट ने फ्लैग इंडिया (तिरंगा बनाने वाली दिल्ली की कंपनी) एवं भारत इलेक्ट्रिकल (होशियारपुर) को तलब कर लिया है। भारत इलेक्ट्रिकल से तिरंगा की देखरेख की जिम्मेदारी सही ढंग से निभा न पाने पर नगर सुधार ट्रस्ट एग्रीमेंट कैंसल करने की तैयारी कर चुका है। सोमवार को नए टेंडर निकालने की प्रक्रिया हो सकती है।
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अटारी बॉर्डर पर तिरंगा
नगर सुधार ट्रस्ट के एक्सइएन राजीव सेखड़ी कहते हैं कि तिरंगा का आकार छोटा करने से हवा का दबाव काफी कम रह जाएगा, जिससे जल्द फटेगा नहीं। शुक्रवार को हवा का वेग तेज था, तिरंगा फहराया नहीं जा सका। हवा के चलते क्षतिग्रस्त हुआ है, सम्मान के साथ उतार लिया गया है।
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देश का सबसे ऊंचा तिरंगा हुआ छोटा
अटारी बार्डर पर देश का सबसे ऊंचा तिरंगा शुक्रवार को फहराने से पहले ही फट गया। 360 फीट की दूरी अभी आधी ही तय की थी कि तिरंगे का एक कोना फट गया। फहराने गई नगर सुधार ट्रस्ट की टीम इंजीनियरों के साथ लौट आई। 360 फीट ऊंचा तिरंगे का पोल लाहौर से बिना झंडा के दिखता रहा।
पांच मार्च 2017 को पूर्व निकाय मंत्री अनिल जोशी ने फहराया। 3.5 करोड़ का खर्च आया। सारी रकम नगर सुधार ट्रस्ट के खाते से खर्च की गई। होशियारपुर की भारत कंपनी के नाम देखरेख का टेंडर हुआ।