शराब पीने के शौकीन लोगों के लिए बुरी खबर आई है। इसे पढ़ने के बाद आप शराब खरीदने से पहले सौ बार सोचेंगे, क्लिक करके जानिए।
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alcohol
चंडीगढ़ प्रशासन के एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए अपनी आबकारी नीति घोषित कर दी। यूटी की नई आबकारी नीति के मुताबिक शराब के दाम में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। 15 प्रतिशत तक शराब के दाम बढ़ जाने से अब हर शराब के ब्रांड 30 से 50 रुपये महंगा हो जाएगा। जबकि बीयर व वाइन के दाम कुछ सस्ते किए गए हैं।
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शराब
न्यू एक्साइज पॉलिसी में शराब के दाम बढ़ाए जाने के बावजूद पंजाब व हरियाणा के मुकाबले चंडीगढ़ में शराब अब भी सस्ती है। वहीं, बीयर व वाइन के रेट में मामूली से गिरावट होगी। न्यू एक्साइज पॉलिसी में इंपोर्टेड वाइन व बीयर के लिए आबकारी विभाग ने नया लाइसेंस एल-2डी जारी किया है। दूसरी ओर शराब (इंडियन मेड फॉरेन लीकर और कंट्री लीकर) का कुल कोटा बढ़ाकर 100 लाख प्रूफ लीटर कर दिया है।
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डेमो इमेज
वहीं, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को ध्यान में रखते हुए यूटी प्रशासन ने अपनी नई आबकारी नीति में रिटेल लाइसेंस धारक यानी शराब ठेकेदारों को शराब की बिक्री पर बिल जारी करने के लिए अनिवार्य कर दिया है। ऐसा न करने पर आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से शराब ठेके दारों व कारोबारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस बार एक्साइज पॉलिसी में शराब ठेकों की संख्या बढ़ा दी गई है। इस बार 16 और ठेकों की नीलामी होगी।
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alcohol
टेंडर के जरिए ही अलॉट होंगे ठेके
पंजाब के तर्ज पर चंडीगढ़ में भी कैप सिस्टम व ग्रुप वाइज शराब ठेकों की नीलामी को लेकर ठेकेदारों की तरफ से मांग की जा रही थी, लेकिन आबकारी एवं कराधान विभाग ने अपने पुराने पैटर्न यानी नीलामी के जरिए ही इस बार भी शराब ठेकों के लाइसेंस अलॉट करने का फैसला किया है। शराब के ठेकों की नीलामी से करीब 200 करोड़ रुपये राजस्व जुटाए जाने का लक्ष्य है।
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इस बार 93 शराब के ठेकों की होगी नीलामी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते नेशनल व स्टेट हाइवे के 500 मीटर के दायरे में शराब परोसे जाने पर लगे प्रतिबंध के कारण पिछली बार यूटी के करीब 23 ठेके नीलाम नहीं हो सके थे। चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए जो एक्साइज पॉलिसी घोषित की है, उसके मुताबिक अब शराब के ठेकों की संख्या 77 से बढ़ाकर 93 कर दी गई है। इस बार नीलामी के जरिए शहर में 93 शराब के ठेकों की नीलामी होगी।
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एक्साइज ड्यूटी से इस बार 450 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग ने एक्साइज पॉलिसी तैयार की है। उसके मुताबिक शराब पर एक्साइज ड्यूटी के जरिए 450 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस बार के वित्तीय वर्ष में विभाग को शराब पर एक्साइज ड्यूटी के जरिए कुल 354 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है। इस एक्साइज पॉलिसी में विभाग ने करीब 27 प्रतिशत राजस्व बढ़कर जुटाने का लक्ष्य रखा है। विभाग को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए जो एक्साइज पॉलिसी बनाई गई है, उससे राजस्व में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
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Liquor
बीयर और वाइन के रेट हुए सस्ते
यूटी प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए जो एक्साइज पॉलिसी घोषित की है, उसके मुताबिक बीयर के रेट सस्ते हुए हैं। 1 अप्रैल से शहर में बीयर सस्ती दाम पर बेची जाएगी। बताया जा रहा है कि बीयर के रेट में 10 प्रतिशत की कटौती की गई है। विभाग के मुताबिक बीयर की लाइसेंस फीस को 20 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति बल्क लीटर किया गया है। वहीं, लो एल्कोहलिक बेवरेजिस, वाइन और इंडियन वाइन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए एक्साइज ड्यूटी कम की गई है। लो एल्कोहलिक बेवरेजिस, वाइन और इंडियन वाइन इंडस्ट्री में एक्साइज ड्यूटी 20 रुपये प्रति बल्क लीटर से घटाकर 15 रुपये प्रति बल्क लीटर कर दिया गया है।
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नई एक्साइज पॉलिसी में शराब का कोटा बढ़ाया गया
वित्तीय वर्ष 2017-18 में घोषित की गई एक्साइज पॉलिसी में शराब का कुल कोटा 82.50 लाख प्रूफ लीटर था। इसमें इंडियन मेड फॉरेन लीकर (आईएमएफएल) का कोटा 74.25 लाख प्रूफ लीटर और कंट्री लीकर का 8.25 लाख प्रृफ लीटर रखा गया था। प्रशासन ने जो एक्साइज पॉलिसी घोषित की है उसमें शराब का कोटा बढ़ाया गया है। पॉलिसी के मुताबिक शराब का कुल कोटा इस बार 100 लाख प्रूफ लीटर रखा गया है। इसमें इंडियन मेड फॉरेन लीकर (आईएमएफएल) का कोटा 90 लाख प्रूफ लीटर और कंट्री लीकर का कोटा 10 लाख प्रूफ लीटर रखा गया है।
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Liquor
आईएमएफएल और कंट्री लीकर पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई
न्यू एक्साइज पॉलिसी के मुताबिक इंडियन मेड फॉरेन लीकर और कंट्री लीकर पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है। इंडियन मेड फॉरेन लीकर पर एक्साइज ड्यूटी 30-325 रुपये से बढ़ाकर 33-325 रुपये प्रति प्रूफ लीटर कर दी गई है। वहीं, कंट्री लीकर पर एक्साइज ड्यूटी 28 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये प्रति प्रूफ लीटर कर दी गई है।
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liquor vends
सिक्योरिटी मनी में 15 प्रतिशत की छूट
नई एक्साइज पॉलिसी में इज आफ डूइंग बिजनेस को ध्यान में रखते हुए सिक्योरिटी मनी में छूट दी गई है। ठेकों की नीलामी या लाइसेंस देते समय जो सिक्योरिटी ली जाती है, उसे 40 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है।
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इंपोर्टेड वाइन व बीयर के लिए एल-2डी लाइसेंस लेना होगा
यूटी प्रशासन ने अपनी नई आबकारी नीति में इंपोर्टेड यानी आयातित वाइन व बीयर के लिए नया लाइसेंस शामिल किया है। इसके लिए शराब कारोबारियों को एक्साइज डिपार्टमेंट से इंपोर्टेड वाइन व बीयर के लिए एल-2डी लाइसेंस लेना होगा। जो दुकानदार या कारोबारी वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 के तहत रजिस्ट्रड है, वे ही इस लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे। इंपोर्टेड वाइन व बीयर के लाइसेंस एल-2डी के लिए यूटी एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने 2 लाख रुपये लाइसेंस फीस तय की है।
शराब के दाम में 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होगी, जबकि बीयर सस्ती रहेगी। इसके अलावा शराब का कुल कोटा बढ़ा दिया गया है। साथ ही अब शराब ठेकेदारों को शराब बेचते समय बिल अनिवार्य कर दिया गया है। - आरके चौधरी, असिस्टेंट कमिश्नर, एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट यूटी