साल 2017 में कुंवारों की किस्मत ज्यादा दिन नहीं खुलेगी। पंडितों की मानी जाए तो इस पूरे साल में 75 दिन शहनाई बजेगी। यहां जानिए शुभ तारीखें।
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मैरिज
बता दें कि 14 अप्रैल शुक्रवार से सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही खड़मास समाप्त हो गया है। अब शहनाइयों की गूंज सुनायी देगी, लेकिन ज्यादा समय के लिए नहीं। चंडीगढ़ सनातन धर्म मंदिर के पुजारी के मुताबिक, 14 मार्च से सूर्य मीन राशि में है। इस राशि में जब तक सूर्य रहेगा लगन नहीं होगा। सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के बाद शहनाई की गूंज शुरू होगी, यह सिलसिला जून तक चलेगा।
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शादी, विवाह
- फोटो : फाइल फोटो
पंडित जी ने बताया कि 13 अप्रैल की रात्रि खरमास समाप्त हो जा गया। अब जुलाई माह तक 40 शुभ लग्न हैं। 14 अप्रैल से 3 जुलाई तक मुहूर्त हैं। इसके बाद 4 जुलाई से 4 माह के लिए शुभ कार्यों पर फिर एक बार ब्रेक लग जाएगा। चातुर्मास में शुभ कार्य रुक जाते हैं। इस साल सबसे अधिक विवाह का मुहूर्त मई माह में मिलेगा। मई माह में 14 शुभ मुहूर्त हैं।
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श्ाादी
- फोटो : demo
पंडित जी ने बताया कि जून माह में सबसे कम मुहूर्त रहेगा। जून में सिर्फ दो मुहूर्त हैं। अप्रैल में 11 और जून में 13 विवाह के मुहूर्त हैं। बताया कि सहालग के सीजन का अंतिम मांगलिक कार्य तीन जुलाई तक रहेगा। चार जुलाई को श्री हरिशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को विधि विधान से पूजन कर सुलाया जाएगा। इसके साथ ही विवाह आदि के लिए मांगलिक कार्य स्थगित हो जाएंगे, जिसका मान 30 अक्टूबर तक बना रहेगा।
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विवाह
अप्रैल : 14, 16, 17, 18, 19, 23, 24, 25, 28, 29 और 30
मई : 4, 6, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 21, 22, 26, 27 और 31
जून : 1, 2, 3, 5, 6, 7, 8, 10, 17, 18, 22, 23, 27, 28, 29 और 30
जुलाई : 1 और 3
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विवाह
31 अक्तूबर को देवोत्थानी एकादशी पर देवता जागेंगे पर सहालग 16 नवंबर से शुरू होगी।
नवंबर : 16, 17, 19, 20, 21, 22, 23, 28 और 29
दिसंबर : 3, 4, 8, 9 और 10 दिसंबर तक लग्न रहेगी। इसके बाद शुक्रास्त होने और खरमास के चलते सहालग रुकेंगी, जो जनवरी भर रुकी रहेगी।
इस साल भले ही शुभ मुहूर्त हों, लेकिन वर्ष 2018 की जनवरी में एक भी लग्न नहीं मिलेगी। पंडित जी के मुताबिक, 14 दिसंबर से हो रहे शुक्रास्त और उसके बाद खरमास के चलते जनवरी 2018 में शादियां नहीं हो सकेंगी। महीने भर सहालग रुकी रहेगी। इसके बाद 3-4 फरवरी शुक्रोदय होगा और 7 फरवरी से विवाह आदि मांगलिक कार्य शुरू हो सकेंगे। इस दौरान करीब 58 दिनों तक सहालग रुकी रहेंगी।