फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जुनूनी बेटी के जज्बे को सलाम, 17 की उम्र में छिन गया था गोल्ड मेडल, अब रचा इतिहास

Thu, 30 Aug 2018 06:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 6
सीमा पूनिया
11 साल की उम्र से खेलना शुरू किया, 17 की उम्र में जीता पहला स्वर्ण पदक छीन लिया गया था, पर बहादुर बेटी का जुनून कम नहीं हुआ। अब ऐसा इतिहास रचा कि सब देखते ही रह गए।
विज्ञापन

2 of 6
सीमा पूनिया
27 जुलाई1983 कोहरियाणा के सोनीपत जिले के मुरथल शहर के गांव खेवड़ा में जन्मी 35 वर्षीय एथलीट पूनिया सीमा पूनिया डिस्कस थ्रो खिलाड़ी हैं। सीमा पूनिया इससे पहले 2004 और 2012 में हुए ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह 2006 के मेलबोर्न राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक भी जीत चुकी है।
विज्ञापन

3 of 6
सीमा पूनिया
सीमा ने साल 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य और साल 2014 व 2016 में रजत पदक जीता। 2018 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीता था। पूनिया ने 2014 में हुए एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। वहीं अब एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।

4 of 6
सीमा पूनिया
सीमा पूनिया की शादी यूपी के मेरठ में सकौती क्षेत्र के गांव टांडा निवासी अंकुश पूनिया से वर्ष 2010 में हुई थी। सीमा पूनिया स्पोर्ट्स कोटे से करनाल में इंस्पेक्टर हैं। वह पति अंकुश पूनिया के साथ मोदीपुरम की शिव कॉलोनी में रह रही हैं। उनके पति अंकुश पूनिया भी डिस्कस थ्रो के खिलाड़ी हैं। वह हर रोज उसके साथ में जिम करने के लिए आते हैं।
विज्ञापन

5 of 6
सीमा पूनिया
सीमा ने 11 साल की उम्र से एथलेटिक्स में प्रवेश कर लिया था। उन्होंने 17 साल की उम्र में विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन डोपिंग का दोषी पाये जाने के कारण उनका पदक छीन लिया गया था। सीमा ने स्यूडोफेडरिन ली थी, जिसे जुकाम के उपचार के लिए लिया जाता है। तब आईएएएफ के नियमों के अनुसार केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
सीमा पूनिया का परिवार - फोटो : फाइल फोटो
इसके बाद उनका करियर उतार चढ़ाव भरा रहा, पर सीमा ने हिम्मत नहीं छोड़ीद्घ पिता विजयपाल आंतिल, मां प्रकाशवती सहित दोनों भाई अमित पाल एवं आनंदपाल सीमा की सफलता से बेहद खुश है। उनका कहना है कि ने कहा कि सीमा की कामयाबी देश के लिए बड़ी सफलता है तथा उन्हें विश्वास है कि वे इस बार देश को ओलंपिक मेडल की खुशी भी प्रदान करेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें