अरविंद केजरीवाल।
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चार दशक से उलझा है मामला
1966 में पंजाब से अलग होकर हरियाणा बनने के बाद 1981 का विवादास्पद जल-बंटवारा समझौता अस्तित्व में आया। पानी के प्रभावी आवंटन के लिए एसवाईएल नहर लिंक की परिकल्पना की गई थी। 214 किमी एसवाईएल का निर्माण किया जाना था, जिसमें से 122 किमी पंजाब में और 92 किमी हरियाणा में होना था। हरियाणा ने नहर के अपने हिस्से का निर्माण किया, पंजाब ने प्रारंभिक चरण के बाद काम बंद कर दिया था। दशकों पुराना यह मुद्दा आज भी दोनों राज्यों के बीच बड़े विवाद के रूप में बना है।