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मिलिए 'लक्ष्मी' से, चीन को योगा सिखाने के बाद अब जापान से मिला ऑफर

Thu, 22 Jun 2017 09:12 AM IST
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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Vijay Lakshmi - फोटो : Facebook
बेटियां चांद पर पहुंच चुकी हैं। बेटा-बेटी में फर्क नहीं है। यह संदेश विजय लक्ष्मी ने पड़ोसी देश चीन से लौटकर दिया है।
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Vijay Lakshmi - फोटो : Facebook
विजय लक्ष्मी ने चीन के करीब पांच हजार लोगों को योग से जोड़ने का काम किया। विजय लक्ष्मी पंजाब के जालंधर की रहने वाली हैं और चीन की दीवारों से लेकर हेल्थ क्लबों में विजय लक्ष्मी ने अपनी छाप छोड़ी है। लक्ष्मी ने योग प्रशिक्षक के तौर पर चीन के साथ अनुबंध किया था, अब जापान की संस्था ने भी उससे संपर्क साधा है। 
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Vijay Lakshmi
जालंधर के मास्टर महंगा सिंह कॉलोनी के गली नंबर आठ की विजय लक्ष्मी चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। पिता रामसुंदर पाल सरकारी नौकरी करते हैं। जबकि मां बरखा पाल गृहिणी हैं। पिता की नौकरी में चार भाई-बहनों की पढ़ाई व घर का खर्च चलना जब मुश्किल था, वहीं लक्ष्मी को स्कूल की पढ़ाई के बाद कॉलेज में दाखिला लेना था। 

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Vijay Lakshmi
पिता की आंखों में बेबसी देख लक्ष्मी रो पड़ी। उसने ठान लिया कि वह अब जिंदगी में कुछ कर दिखाएगी। मन में उम्मीद लिए लक्ष्मी ने अर्थोपार्जन के लिए योग को चुना। उसने योग का प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
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Vijay Lakshmi - फोटो : Facebook
इसी बीच जालंधर के ही चंद्रमोहन सैनी और मनवीर सिंह ने लक्ष्मी के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानी। लक्ष्मी ने दो ही साल में योग का प्रशिक्षण पूरा कर लिया। वर्ष 2002 से 2007 के बीच लक्ष्मी महाराष्ट्र योग एसोसिएशन और पंजाब स्टेट योग चैंपियनशिप में पहले स्थान पर रही। वर्ष 2007 में ही मध्यप्रदेश में हुई अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन में विजय लक्ष्मी ने अपनी प्रतिभा का लोहा जहां मनवाया। लक्ष्मी ने जालंधर के एलपीयू से योग से बीएड की योग्यता भी हासिल की। 
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Vijay Lakshmi - फोटो : Facebook
जैन विश्व भारती (राजस्थान) में जब उसने राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम स्थापित किया, तो इसके बाद 18 सितंबर, 2014 को चीन से लक्ष्मी को बुलावा आया। एक साल के अनुबंध के तहत चीन ने भारत की इस बेटी को अपने देश में युवाओं को योग सिखाने के लिए बुलाया। वह चीन में अब तक करीब पांच हजार लोगों को योग सिखा चुकी हैं। 
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Vijay Lakshmi - फोटो : Facebook
वह बताती हैं कि चीन में उनकी लोकप्रियता इतनी है कि कई हेल्थ क्लबों में लक्ष्मी के पोस्टर तक लगे हैं। इस मुकाम पर पहुंचकर आज लक्ष्मी ने घर की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा ली है। छोटी बहन आरती भी कैंब्रिज इंटरनेशनल (जालंधर) में योग शिक्षिका है।

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Vijay Lakshmi - फोटो : Facebook
दो छोटे भाइयों में विनीत एचडीएफसी बैंक में काम करता है। जबकि सबसे छोटा भाई रंजीत योग और डांस का शिक्षक है। लक्ष्मी की प्रारंभिक पढ़ाई कैंट बोर्ड के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई। उसके बाद उन्होंने एचएमवी में स्नातक की। 
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Vijay Lakshmi
लक्ष्मी कहती हैं कि अभिभावक बेटियों को बेटों से कम न मानें। उनके सपने पूरा करने के लिए सपने बुनें। बेटियां किसी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। लक्ष्मी कहती हैं कि उसे खुशी है कि पिता से किया वादा पूरा किया।
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