ऊपर वाला जब देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है। ऐसा ही कुछ हुआ इन दो दोस्तों के साथ, जो 4 लाख रुपये निवेश करके अरबपति बन गए, लेकिन अब इन्होंने चौंकाने वाला फैसला लिया है।
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sachin binny bansal
हम बात कर रहे हैं देश की सबसे मशहूर ऑनलाइन कंपनी फ्लिपकार्ट के सहसंस्थापक और चेयरमैन सचिन बंसल और उनके दोस्त बिन्नी बंसल की। हैरत की बात ये कि दोनों ने ही कंपनी छोड़ दी है। कंपनी से को-फाउंडर बिन्नी बंसल भी बाहर हो गए है। इससे पहले कंपनी में अमेरिकी कंपनी वालमार्ट के बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के बाद सचिन बंसल ने अपना पूरा हिस्सा बेच दिया था।
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Sachin Bansal and binny bansal
दोनों ने 2007 में बंगलूरू में इसकी स्थापना की थी। हालांकि दोनों चंडीगढ़ के रहने वाले हैं लेकिन इससे पहले दोनों कभी मिले नहीं। आईआईटी सचिन सीनियर थे और बिन्नी जूनियर। बंसल बंधुओं में एक समानता यह है कि दोनों साथ में अमेजॉन में काम कर चुके थे। सचिन और बिन्नी बताते हैं कि ये कंपनी मात्र 4 लाख से शुरू हुई थी, जो आज 2000 करोड़ डॉलर यानी 1.32 लाख करोड़ रुपये की कंपनी हो गई।
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sachin bansal and binni bansal
सचिन-बिन्नी ने बताया कि शुरुआत में यह ई-कॉमर्स कंपनी सिर्फ किताबें बेचती थी। जापान के सॉफ्टबैंक द्वारा इसकी 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के बाद कंपनी के सपनों को सचमुच में पंख लगे। 2017 तक इस कंपनी का राजस्व 198.55 अरब रुपये हो गया। अब यह साबुन से लेकर स्मार्टफोन तक सब कुछ ऑनलाइन बेचती है। ऑनलाइन रिटेल बाजार में इसकी हिस्सेदारी 38.5 फीसदी है।
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फिल्पकार्ट के संस्थापक
आज फ्लिपकार्ट इस बात का प्रमाण है कि सपने देखने और उन्हें पूरा करने की योग्यता और क्षमता हो तो कुछ भी संभव है। यह पहली कंपनी है जो स्टार्टअप के रूप में शुरू हुई और एक अरब डॉलर से ज्यादा के कारोबार का लक्ष्य हासिल किया और निरंतर आगे बढ़ती जा रही है। लेकिन यह बहुतों को मालूम नहीं होगा कि इसकी शुरुआत दो बेडरूम के फ्लैट से हुई थी। आज यह 23 लाख लोगों को रोजगार देती है।
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फिल्पकार्ट के संस्थापक
सचिन ने बताया कि इसके सभी स्टोरों का कुल आकार एक अरब वर्ग फुट से ज्यादा है। अमेरिका में इसके लगभग पांच हजार स्टोर हैं जबकि विदेशों में छह हजार से ज्यादा। यह भारत के नौ राज्यों में मालिकाना हक के साथ 21 स्टोरों का संचालन करती है जो कैश एंड कैरी सिस्टम पर चलते हैं। इसका बंगलूरू में एक ग्लोबल रिसोर्स सेंटर और टेक्नोलॉजी सेंटर है, जिसमें 1200 इंजीनियर काम करते हैं। यह ग्लोबल रिसोर्स सेंटर दर्जन भर विदेशी बाजारों के लिए यहां से गैर-खाद्य पदार्थों की खरीद करता है।
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फिल्पकार्ट के संस्थापक
बता दें कि कंपनी ने 100 मिलियन रजिस्टर्ड यूजर्स का आंकड़ा क्रॉस किया था। इस आंकड़े को छूने वाली देश की पहली कंपनी बन गई है। इसके पहले यह आंकड़ा सिर्फ यूएस और चीन की कंपनी ही छू सकी थी। फिल्पकार्ट ने 2014 में परिधान क्षेत्र की ई-कॉमर्स कंपनी मिंत्रा का अधिग्रहण किया था। मिंत्रा ने बाद में फैशन ई-कॉमर्स कंपनी को जबोंग को खरीद लिया। 2016 में इसने भुगतान क्षत्र की स्टार्टअप कंपनी फोन पे को खरीदा।
सचिन बंसल का जन्म चंडीगढ़ में हुआ और पढ़ाई भी उन्होंने यही से की। वे आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट हैं। साल 2016 में चंडीगढ़ का शुक्रिया अदा करने के लिए सचिन बंसल खुद चंडीगढ़ आए और लोगों को सामान की डिलीवरी दी। इस दौरान उन्होंने कुछ व्यापारियों से भी बातचीत की। सचिन के पिता सत्यप्रकाश अग्रवाल ने एक इंटरव्यू में बताया था जॉब छोड़ने के बाद सचिन ने अपनी कंपनी खोलने की योजना बनाई। एक डर भी था, लेकिन सचिन पर भरोसा भी।