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बेमिसालः सिखों और मुस्लिमों की ये दोस्ती देख भूल जाएंगे 'जय-वीरू' की कहानी

Sat, 27 May 2017 09:15 AM IST
amarujala.com- presented by: खुशबू गोयल
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ईद की नमाज - फोटो : अमर उजाला
दोस्ती हो तो ऐसी कि लोग मिसाल दे उसकी। ऐसी ही दोस्ती की एक दिलचस्प कहानी है, सिखों और मुस्लिमों परिवारों की। इन्हें देख भूल जाएंगे 'जय-वीरू' को।
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हिंदू-सिख परिवारों ने कौमी भाईचारे की शानदार मिसाल पेश की
पंजाब के लुधियाना में गांव गालिब रण सिंह के हिंदू-सिख परिवारों ने कौमी भाईचारे की शानदार मिसाल पेश की। उन्होंने रमजान महीना शुरू होने से पहले मुसलिम भाईचारे को मस्जिद बनवाकर दी है। पंचायत ने इसके लिए बाकायदा जमीन दी। तैयार हो चुकी इस खूबसूरत मस्जिद में वीरवार को पहली नमाज पढ़ी गई।
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लुधियाना के शाही इमाम - फोटो : ‌file photo
नमाज अदा कराने पहुंचे लुधियाना की शाही जामा मस्जिद के इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने जज्बाती होकर कहा कि मेरा मुल्क और उसमें मिल-जुलकर रहने वाले लोग बेमिसाल हैं। गांव गालिब रण सिंह लुधियाना के सांसद रहे स्व. गुरचरण सिंह गालिब के गांव गालिब के नजदीक है। यहां मुसलिम भाईचारे के बमुश्किल दस-बारह घर हैं। जो गांव में कोई मस्जिद होने की वजह से इबादत के लिए दूसरे गांवों में जाते थे।

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ईद की नमाज - फोटो : अमर उजाला
यह देखते हुए गांव के सरपंच हरसिमरन सिंह बाली ने नेक पहल की। उन्होंने मौलाना हबीब से इस बाबत बातचीत कर गांववालों की तरफ से मस्जिद बनवाकर देने का प्रस्ताव रखा। गांव वालों ने बाकायदा मुस्लिम परिवारों के साथ मिलकर मस्जिद का निर्माण कराया। वीरवार को एक सादे समारोह के दौरान सरपंच और गांववालों ने शाही इमाम से मस्जिद का उद्घाटन कराया।
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ईद की नमाज - फोटो : अमर उजाला
शाही इमाम के प्रवक्ता मुस्तकीम अहरारी के मुताबिक, जगरांव के गांव मल्ला, हांस कला, गालिब कलां और रण सिंह गालिब के अलावा सरवरपुर-समराला, रायपुर-कूमकलां में हिंदू-सिख परिवारों ने मस्जिदों को आबाद कराया। एसजीपीसी के प्रधान रहे स्व.जगदेव सिंह तलवंडी के गांव में भी एक मस्जिद इसी तरह आबाद हुई। जबकि मोगा के गांव अजीतवाला में भी ऐसी ही मिसाल पेश की गई।
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