अब बेटियां नहीं सहेंगी अत्याचार, मनचलों और बदमाशों का खुद देंगी जवाब। समय-समय पर सामाजिक सारोकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने वाले ‘अमर उजाला’ ने शहर की बेटियों को जुल्म से निपटने के लिए उनको तैयार करने का एक छोटा सा प्रयास किया है।
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मनचलों और बदमाशों से बेटियां ही बचाएंगी, देखिए कैसे?
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सेक्टर 21 गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (जीएमएसएसएस) में नौंवीं व दसवीं की लड़कियों को सेल्फ डिफेंस का डेमोंस्ट्रेशन देकर आत्मरक्षा के लिए जागरूक किया गया। इस मौके पर छात्राओं को लोअर पंच और साइड पंच सिखाए गए। छात्राओं को बताया गया कि अपनी रक्षा के लिए उनको अपने आपको दिमागी तौर पर मजबूत करना होगा। ताकत बाजुओं में नहीं बल्कि दिमाग में होती है।
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गिनीज बुक में नाम दर्ज करवा चुकी सोनिया बत्तान, ब्लैक बेल्ट जसवीन कौर, मास्टर लक्षित ने अपने कोच गौरव सैनी की देखरेख में स्कूल की छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाए। कार्यक्रम में 50 से अधिक छात्राएं शामिल हुईं । छात्राओं को सबसे पहले सेल्फ डिफेंस संबंधी बेसिक जानकारियां दी गईं। इस दौरान ट्रेनर ने एक-एक पंच की जानकारी दी। उनको डेमोंस्ट्रेशन के द्वारा बताया गया कि मुसीबत के वक्त कैसे बचा जाए?
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ट्रेनर सोनिया बत्तान ने कहा कि सेल्फ डिफेंस ने मुझे आत्मनिर्भर बना दिया। अब परिवार वाले मुझे कहीं भी जाने से नहीं रोकते । बिना किसी झिझक के हर फील्ड में अपना काम पूरा करती हूं। अब मैं अकेले कहीं भी जा सकती हूं। सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग से लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ता है।
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कृति (नौवीं की छात्रा) पहले हैंडबॉल खेलती थी। स्कूल में जब सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग शुरू हुई तो वह इसमें रुचि लेने लगी। कृति ने बताया कि इसे सीखने से मेरा हौसला बढ़ा है। पूनम (नौवीं की छात्रा) ने बताया कि ट्रेंनिग के दौरान छेड़छाड़ से बचने के लिए कला सीखी। कोहनी का इस्तेमाल करते हुए अपने पटखनी दे डाली। शिवानी- नौवीं कक्षा की छात्रा शिवानी ने कहा सेल्फ डिफेंस सीखने के बाद मेरा डर खत्म हो गया है। आगे भी इसे जारी रखना चाहती हूं।
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जसप्रीत कौर (नौवीं की छात्रा) ने बताया कि पहले सुस्त रहती थी। जब से सेल्फ डिफेंस सीखना शुरू किया है हर समय चुस्त रहती हूं। खुशी (नौवीं की छात्रा) ने बताया कि सेल्फ डिफेंस ने मुझे मानसिक और शारीरिक तौर पर मजबूत बनाया है। इसके जरिए छेड़छ़ाड़ करने वालों को करारा जवाब दे सकती हूं।