बाबा बर्फानी के भक्तों को अमरनाथ यात्रा पर इस बार एक नए खतरे का सामना करना पड़ सकता है और इसका खतरा अभी से मंडराने लगा है।
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अमरनाथ यात्रा पर पत्थरबाजों का खतरा मंडराने लगा है। भंडारा कमेटियों में दहशत का माहौल है। पत्थरबाजों के पक्ष में माहौल रहा तो यात्रा पर बुरा असर पड़ेगा। भंडारा कमेटियों में इसकी चिंता बढ़ गई है। यात्रा 29 जून से सात अगस्त तक चलेगी। करीब 116 भंडारा कमेटियां बाबा के राह में भंडारा लगाने की तैयारी में हैं।
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ऐसा कहना है भंडारा कमेटियों के पदाधिकारियों का। भंडारा कमेटियों में संशय का माहौल है। पहले भंडारा कमेटियां सात से आठ लाख का राशन भंडारे के लिए ले जातीं थीं। लेकिन इस बार कम राशन लेकर जाएंगे। बाद में माहौल देखकर राशन मंगवाएंगे। श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन(सबलो) और श्री अमरनाथ यात्रा भंडारा आर्गेनाइजेशन(सायबो) ने चिंता व्यक्त की है।
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भंडारा कमेटियों ने मांग की है कि भंडारा स्थल के अलावा सेवादरों और यात्रियों की उचित सुरक्षा मुहैया की जाये। वर्ष 2014 में 12 भंडारा स्थलों को आग के हवाले कर दिया गया था। इसमें करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया था। इस बाबत रविवार को सबलो की चंडीगढ़ मेंबैठक हो रही है। सबलो की बैठक में जम्मू काश्मीर की मुख्यमंत्री से सुरक्षा की मांग होगी।
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श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (सबलो) के प्रधान विजय ठाकुर और महासचिव राजन गुप्ता ने बताया कि 26 अप्रैल को सात लोगों का प्रतिनिधिमंडल जेएंडके के गवर्नर और डीजीपी से मिला और उन्हें भंडारा कमेटियों की चिंता से अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि फुलप्रूफ सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
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हर साल सबलो द्वारा मान्यता प्राप्त भंडारा कमेटियां शेषनाग, बालटाल, दुमैल, गुफा, पंचतरणी, बराडी मार्ग, संगम, केलनार, पोशपत्थरी, जोजीपाल, पिस्सूटाप, नागाकोटि, चंदनबाड़ी, नोनवान में भंडारा आयोजित करती हैं। 116 भंडारा कमेटियों की ओर से इस बार भंडारा लगाए जाने की उम्मीद है।
सरकार उपद्रवियों को काबू करने के लिए ठोस रणनीति बनानी चाहिए। यह ठीक नहीं है कि धार्मिक यात्रा को हर साल निशाना बनाया जाए।
- रमेश कुमार निक्कू, प्रधान, गौरी शंकर सेवादल चंडीगढ़
जून तक इंतजार कर रहे हैं। सरकार हालत काबू करने में अगर कामयाब होती है तो भंडारे के लिए कार्यक्रम बनाएंगे। तीन वर्ष हो गए हैं। अमरनाथ यात्रा के दौरान यही स्थिति रहती है। उम्मीद कम है कि हालात पर काबू पाया जाएगा। भंडारे का राशन कम लेकर जाएंगे। भीड़ बढ़ी तो फिर राशन का सामान पहुंचेगा। पिछले वर्ष यात्रा कम हुई। यात्रियों को काफी परेशानी हुई थी।
- राजन कपूर, अध्यक्ष, श्री अमरनाथ यात्रा भंडारा आर्गेनाइजेशन(सायबो)