अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों की बस पर आतंकी हमले का बड़ा साइड इफेक्ट देखने को मिला है। जानकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काफी निराशा होगी।
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amarnath yatra
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के बटिंगू में अमरनाथ यात्रियों की बस पर हुए आतंकी हमले के बाद श्रद्धालुओं में खौफ पैदा हो गया है। कई श्रद्धालु रास्ते से वापस घर लौट गए। अनंतनाग में बने बेस कैंप से मंगलवार सुबह सात बजे एक हजार यात्री पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुए हैं। इसके अलावा उक्त घटना के बाद बालटाल में भंडारे वाले व अन्य लोग प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार की थी।
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AMARNATH YATRA 2017
- फोटो : Amar Ujala
हालांकि श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन के प्रधान विजय ठाकुर ने ये सब करने से रोक दिया। ठाकुर का कहना है कि आतंकी यही चाहते हैं कि यात्रा में विघ्न डले, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। बालटाल और पहलगाम में माहौल बिल्कुल ठीक है और यात्रा भी ठीक चल रही है। उक्त घटना के बाद यात्रियों की संख्या थोड़ी कम हुई है।
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AMARNATH YATRA 2017
- फोटो : Amar Ujala
अनंतनाग बेस कैंप से भंडारे के सदस्य मांटू ने टेलीफोन पर बताया कि आतंकी हमले के बाद यात्रा पर कुछ फर्क पड़ेगा। बताया कि सोमवार रात उनके कैंप में एक हजार श्रद्धालु ठहरे थे, जो मंगलवार सुबह सात बजे पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना हुआ है। मांटू ने कहा कि जो यात्री कैंप से बालटाल व पहलगाम रवाना हुए हैं वे सहमे हुए हैं, क्योंकि दोनों तरफ जाने वाला रास्ता संवेदनशील है।
श्रद्धालु रमेश कुमार व राजिंदर कुमार ने बताया कि वे उधमपुर से आगे पहुंच गए थे, रात को उन्हें पता चला कि अनंतनाग में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला बोल दिया। रमेश ने कहा कि वो लोग रास्ते से ही अपने घरों की तरफ वापस चल दिए। गणेश ने बताया कि कई श्रद्धालुओं को वापस होते हुए देखा है।