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कालका-शिमला टॉय ट्रेन का एक्सीडेंट, यात्रियों में मचा हड़कंप

Tue, 22 Sep 2015 10:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कालका(हरियाणा)
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एक बार फिर कालका-शिमला टॉय ट्रेन का एक्सीडेंट हो गया। बड़ा हादसा होते-होते बचा। तस्वीरों में जानिए पूरा मामला।
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कालका-शिमला टॉय ट्रेन का एक्सीडेंट, यात्रियों में मचा हड़कंप

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कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर टॉय ट्रेन हादसे के कुछ ‌ही दिनों के बाद एक बार फिर एक ट्रेन हादसे की शिकार हो गई। इससे ट्रेन में सवार सैलानियों में हड़कंप मच गया। दरअसल सोमवार को कालका पहुंचने वाली ट्रेन का इंजन डिब्बों से अलग होकर आगे निकल गया। इसके बाद ट्रेन में सवार सैलानियों में हड़कंप मच गया। शिमला से चलकर शाम करीब 4:10 बजे कालका पहुंचने वाली ट्रेन हिमालयन क्वीन में सफर करने वाले सैलानियों के लिए सोमवार का सफर सुहाना नहीं बल्कि मुश्किलों भरा रहा।

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पहले तो सोलन के पास गाड़ी का इंजन जवाब दे गया, जिससे सैलानियों को बीच रास्ते में गाड़ी चलने लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। गाड़ी में दूसरा इंजन लगाकर रवाना किया गया तो कालका स्टेशन से कुछ किमी पहले खेड़ा सीता राम के पास गाड़ी से अलग होकर इंजन आगे निकल गया और डिब्बे पीछे रह गए। इस घटना के कारण ट्रेन में यात्रा करने वाले सैलानियों में हड़कंप मच गया। एक अन्य इंजन के साथ इन डिब्बों को जोड़ कर करीब 20 मिनट बाद ट्रेन को वहां से रवाना किया गया। करीब सात बजे ट्रेन कालका स्टेशन पर पहुंची।

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इंजन अलग होने के कारण ट्रेन करीब तीन घंटे की देरी से कालका स्टेशन पहुंची। इस कारण शताब्दी और हिमालयन क्वीन को देरी से रवाना करने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार हिमालयन क्वीन अपने निर्धारित समय 4:10 की बजाय 6:54 पर स्टेशन पर पहुंची। ऐसे में शाम 5:50 बजे चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को शाम सात बजे और 4:50 बजे चलने वाली हिमालयन क्वीन को करीब 7:20 बजे रवाना किया गया।

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ट्रेन में सफर कर रहे सैलानी जम्मू-कश्मीर के रहने वाले मो. आमीन ने बताया कि कालका से जाने वाली मेल गाड़ी की पावर फेल हो जाने पर ट्रेन को सोलन स्टेशन पर रोका गया था। जब उनकी ट्रेन सोलन पहुंची तो उनकी ट्रेन का इंजन बदल दिया गया और पीले रंग का इंजन लगाकर रवाना कर दिया गया। जो कालका से कुछ किलोमीटर पहले ही ट्रेन से अलग हो गया। एक अन्य यात्री दुर्लेश कुमार साहू ने बताया कि वे पत्नी के साथ शिमला से आ रहे हैं और शताब्दी से दिल्ली पहुंचना है। वे डेढ़ घंटे से इंतजार कर रहे हैं कि रेल विभाग कुछ करे।
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ध्यान रहे 12 सितंबर को कालका-परवाणू के बीच हुए रेल हादसे की न तो अब तक जांच पूरी हुई है और न ही हादसे में घायल हुए लोगों के जख्म भरे हैं। मालूम हो कि सोमवार को जीएम रेलवे ने एक प्रेस वार्ता कर यह बताया कि वह पर्यटकों के दिल से भय को दूर करने के लिए इस रेल सेक्शन पर दौरा कर दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगा रहे हैं।

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लोगों का कहना है कि पुराने जंग लगे ढांचे को बदल कर कुछ नई तकनीक पर विचार करें। जिस से इस मार्ग यात्रा करने वाले सैलानियों की सुरक्षा हो सके। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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