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सर्जिकल स्ट्राइकः पटरी पर लौटने लगी बॉर्डर से सटे गांवों की जिंदगी, देखिए

Fri, 07 Oct 2016 04:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अबोहर
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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग - फोटो : अमर उजाला
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बॉर्डर से सटे गांवों की जिंदगी अब पटरी पर लौटने लगी है। तस्वीरों में देखिए वहां के हालात।
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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
उरी, बारामूला और अब हंदवाड़ा में लगातार सीमा पार से हो रही फायरिंग के बावजूद राजस्थान के साथ लगते सीमांत गांवों में जनजीवन सामान्य हो रहा है। ग्रामीणों की जिंदगी फिर पटरी पर लौट रही है।
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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
राहत शिविरों व रिश्तेदारियों से वापस आए लोग अपनी फसलों की देखभाल में लगे हैं। वे सीमा पर बढ़ रहे तनाव से बिल्कुल चिंतित नहीं है। यह माहौल वीरवार को पाक सीमा से मात्र 1 किमी दूर गांव रूपनगर में देखा गया। 

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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
ग्रामीण अपने कृषि कार्यों में व्यस्त हैं। गांवों की दुकानें पहले की भांति खुली हैं। सरकारी हाई स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या लगभग पूरी हो चुकी है। 
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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
स्कूल के मुख्याध्यापक कृष्ण रिणवा ने सुबह 9 बजे प्रार्थना सभा में सभी बच्चों को भयमुक्त होकर पढ़ाई करने तथा रिश्तेदारियों में गए अपने सहपाठियों से संपर्क कर उन्हें बुलाने को प्रेरित किया। 
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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
सरपंच महेंद्र सिंह के निवास के सामने ही बनी चौपाल में ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित होकर ताश खेलते रहे। हालांकि मजदूरों के अभाव में नरमा-कपास की फसल को नुकसान हो रहा है। 
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पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बॉर्डर से सटे गांवों के हाल
धान की फसल अभी तक कच्ची है जबकि सीमा के साथ सटे खेतों में कपास के अलावा अरहर, मक्का व धान की फसलें लहलहा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कहीं न कहीं सरकार ने गांव खाली करवाने में जल्दबाजी की है। 

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बॉर्डर से सटे गांवों के लोग - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले 71 व कारगिल के दौरान गांव खाली होते ही सेना ने गांवों पर कब्जा कर लिया था लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। पंचायत सदस्य रायसाहब का कहना है कि लोग अपने कार्यों में व्यस्त हैं, जबकि सीमा सुरक्षा बल के जवान सुबह-शाम गांव में गश्त कर रहे हैं।

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बटाला बॉर्डर पर देखे गए तीन संदिग्ध, पुलिस का सर्च अ​भियान
पश्चिमी सीमा पर बीओके के सीनियर अधिकारी ने बताया कि सीमा पर अलर्ट जारी है। किसानों के अलावा किसी भी सिविलियन को फैंसिंग के पास जाने की अनुमति नहीं है। 

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बॉर्डर से सटे गांवों में रोज-मर्रा का कार्य करते लोग
कंटीली तार के पार जाने वाले किसानों की सुरक्षा में बीएसएफ के जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है जबकि रात्रि के समय भी अतिरिक्त गश्त जारी रहती है। 
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Border Security - फोटो : File Photo
इधर गांव चूहड़ीवाला धन्ना का शिविर वीरवार को पूरी तरह से खाली हो चुका है। प्रशासनिक अधिकारी अभी भी अपने स्थानों पर तैनात हैं। 
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