पीओके में सर्जिकल अटैक के बाद बार्डर पर जंग का माहौल है। गांव में सन्नाटा छाया हुआ था और घरों पर ताले लटके थे। देखिए, तस्वीरें।
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इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव
- फोटो : अमर उजाला
सीमांत गांव राजोके गट्टी (फिरोजपुर)। गांव में कुछेक पुरुष ताश खेलते नजर आए। घरों में ताले लटके हुए थे। कुछ लोग खेतों में कामकाज कर रहे थे। बीएसएफ व सेना के वाहनों की आवाजाही बहुत थी। गांव में जंग जैसा माहौल देखने को मिला।
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ग्रामीण जसप्रीत सिंह व सोहन सिंह का कहना है कि कई बार उनके घर बर्बाद हुए हैं। जब भी सरहद पर दोनों देशों के बीच तनाव होता है सभी गांव खाली करवा लिए जाते हैं। निशान सिंह ने बताया कि वो अपने परिवार के सदस्यों को रिश्तेदार के घर छोड़ आया है। खेत में काम करने और पशुओं को चारा डालने के बाद शाम को शहर चला जाएगा। सुबह फिर से पशुओं की सेवा के लिए गांव आ जाता है।
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गांव टिंडी वाला में प्रत्येक घर के दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। यहां भी कुछेक पुरुष ही नजर आए और उनका कहना है कि पशुओं को शहर में चारा कहां मिलेगा इसीलिए पशुओं की देखरेख के लिए वो यहां पर बैठे हुए हैं। गांव में एक परिवार ऐसा मिला जिसका कहना है कि मौत तो कहीं भी आ सकती है इसीलिए वो अपना घर छोड़कर कहीं नहीं गए।
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गांव राजोके गट्टी के सरपंच मक्खन सिंह का कहना है कि जिला प्रशासन ने गांव के लोगों के लिए कोई राहत कैंप नहीं लगाए। और न ही कोई सुविधा प्रदान की है। डीसी डीपीएस खरबंदा ने इतना कहा कि गांव के लोगों को गांव वजीदपुर स्थित जामनी साहिब गुरुद्वारे ले जाओ, लेकिन इतनी दूर लोग जाने को तैयार नहीं हैं। फिरोजपुर शहर में कोई राहत कैंप नहीं बनाया।
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मक्खन ने बताया कि जिला प्रशासन से पशुओं के लिए फीड मांगी वो भी नहीं दी। इसीलिए गांव के लगभग चार हजार लोग अपने रिश्तेदारों के घरों में चले गए। जो लोग गांव से शहर की तरफ गए हैं उनके पशुओं को खाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा है। सरपंच ने बताया कि हुसैनीवाला के आसपास लगभग सभी गांव खाली करवा लिए गए हैं।