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ब्लड डोनेशन करें, पर जानिए कौन कर सकता है रक्तदान और कौन नहीं...क्या होगा फायदा

Sun, 30 Sep 2018 07:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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blood donation
ब्लड डोनेशन करके किसी को जिंदगी देना चाहते हैं, तो जरूर कीजिए। लेकिन इसके लिए जानना जरूरी है कि रक्तदान कौन कर सकता है और कौन नहीं व इससे क्या फायदे होंगे।
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blood donation
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस सोमवार, 1 अक्टूबर 2018 को मनाया जा रहा है। इस मौके पर थैलासीमिक चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन, चंडीगढ़ के जनरल सेक्रेटरी ने बताया कि भारत में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस हर साल 1 अक्टूबर को व्यक्ति के जीवन में रक्त की आवश्यकता और महत्व को साझा करने के लिये मनाया जाता है। ये पहली बार साल 1975 में 1 अक्टूबर को इंडियन सोसायटी ऑफ ब्लड ट्रॉसफ्यूजन एण्ड इम्यूनोहैमेटोलॉजी द्वारा मनाया गया।
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blood donation
उन्होंने बताया कि रक्त की एक बूंद इंसान की जिंदगी बना सकती है। उसकी जिंदगी खराब भी कर सकती है। इसलिए रक्तदान करते समय कई तरह की सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। लोग समय समय पर ब्लड डोनेट करते रहते हैं। इससे करने से न केवल दूसरों की जिंदगी बचती है, बल्कि अपने को भी कई फायदे होते हैं।  ब्लड डोनेशन हर साल लाखों लोगों की जिंदगी बचाता है। ये थैलेसीमिया जैसी जानलेवा बीमारी के मरीजों की सहायता करता है। मां और उसके शिशु के स्वास्थ्य में भी बड़ा योगदान देता है।

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रक्तदान
चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टर बताते हैं कि रक्तदान से हार्ट अटैक की आशंका कम हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि डोनेशन से खून पतला होता है, जो हार्ट के लिए अच्छा होता है। रक्तदान के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है। इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदरुस्ती भी मिलती है। रक्तदान सुरक्षित व स्वस्थ परंपरा है। इसमें जितना खून लिया जाता है, वह 21 दिन में शरीर फिर से बना लेता है। रक्तदान से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम होता है, क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।
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रक्तदान
ये लोग कर सकते हैं रक्तदान
नियमित रूप से ब्लड डोनेशन करने से आयरन लेवल ठीक बना रहता है। शरीर में आयरन बढ़ जाए तो ऑक्सीडेटिव डैमेज होता है, जिससे टिशू डैमेज होता है। ब्लड डोनेट करने से न सिर्फ शरीर में आयरन की मात्रा ठीक बनी रहती है, बल्कि ये दिल की बीमारियों से भी बचाव करता है। ब्लड डोनेशन करने वाले की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। उसके शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12.5 ग्राम/डेसीलीटर हो। पल्स 50 से 100 प्रति मिनट हो, ब्लड प्रेशर 100 से 180 के बीच ऊपर का और 50 से 100 नीचे का हो। शरीर का वजन 45 किलोग्राम से कम न हो।
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रक्तदान
ये नहीं कर सकते रक्तदान
ब्लड डोनेट करने वाले ने एंटी रैबीज या हैपेटाइटिस-सी, इम्यूनोग्लोबिन का एक साल के अंदर उपचार लिया हो। छह महीने के अंदर टैटू गुदवाया हो या फिर कान छिदवाया हो। छह महीने के अंदर एक्यूपंचर की विधि से इलाज करवाया हो। गंभीर बीमारी या सर्जरी हुई हो। पीलिया से पीड़ित रहा हो, तीन माह के अंदर रक्तदान किया हो या फिर मलेरिया का इलाज कराया हो, एक माह के भीतर कोई टीकाकरण कराया हो, 8 घंटे पहले कोई दवा खाई हो, बीते 72 घंटे में एस्प्रिन दवा खाई हो या फिर दंत चिकित्सा करवाई हो, बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिला, माहवारी का वक्त हो।
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