हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को सेक्टर-11 की कोठी नंबर 116 में खुद को गोली मारने से पहले 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा। एक दिन पहले वसीयत भी लिखी थी। सुसाइड नोट पर 7 अक्तूबर, जबकि वसीयत पर 6 अक्तूबर की तारीख होने से शक गहरा गया है।
आईपीएस पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले की जांच में सामने आया है कि वसीयत और सुसाइड नोट दो अलग-अलग तारीखों पर लिखे गए हैं। वसीयत पर छह अक्तूबर जबकि सुसाइड नोट पर सात अक्तूबर की तारीख दर्ज है। दोनों दस्तावेजों पर आईपीएस ने हरे रंग के पेन से हस्ताक्षर किए हैं।
सूत्रों के अनुसार अधिकारी ने आत्महत्या से पहले पूरी योजना बनाकर कदम उठाया। पहले वसीयत तैयार की और अगले दिन सुसाइड नोट लिखा। पुलिस को घर की तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। बताया जाता है कि तलाशी के समय वहां मौजूद एक रिश्तेदार, जो बठिंडा के मौजूदा विधायक हैं और पुलिस टीम के बीच बहस भी हुई थी।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी
- फोटो : पीटीआई
पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं दो अलग-अलग तारीखें डालकर जांच को गुमराह तो नहीं किया गया। सुसाइड नोट पर 7 अक्तूबर, जबकि वसीयत पर 6 अक्तूबर की तारीख होने से शक गहरा गया है। दोनों दस्तावेजों की लिखावट, स्याही और समय का बारीकी से फोरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
हरियाणा पुलिस ने जताया शोक
वाई पूरण कुमार के निधन पर हरियाणा पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर शोक संदेश पोस्ट किया गया है। इसमें लिखा है कि हरियाणा पुलिस वाई पूरण कुमार के असामयिक निधन से विभाग अत्यंत दुखी और स्तब्ध है। हम इस कठिन घड़ी में उनके परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी
- फोटो : पीटीआई
बेहद मिलनसार अधिकारी थे
वाई पूरण कुमार का कार्यकाल रोहतक में लंबा नहीं रहा। वे अप्रैल से सितंबर तक ही रेंज के आईजी रहे। ज्यादातर पुलिसकर्मी खुलकर नहीं बोल रहे हैं। एक पुलिसकर्मी ने बताया कि वे काफी मिलनसार स्वभाव के थे। अचानक उनकी मौत से विभाग सकते में है।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने की खुदकुशी, पुलिस व परिजन के साथ बेटी
- फोटो : पीटीआई
शराब ठेकेदार का वीडियो वायरल, बोला आईजी कार्यालय में बुलाकर धमकाया गया
पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार पर मंथली मांगने का आरोप लगाने वाले शराब ठेकेदार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार के शव को लेकर जाती पुलिस
- फोटो : पीटीआई
वायरल वीडियो में ठेकेदार कह रहा है कि उसे जून माह में आईजी कार्यालय में बुलाया गया। वहां पर उसे धमकाया गया। बोला गया कि सुशील से मिल लेना। इसके बाद सुशील उसके कार्यालय में आया और पैसे देने के लिए दबाव बनाने लगा।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार के शव को देख बिलखते परिजन
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उसको प्रताड़ित किया गया। पहले ही उनको कारोबार में धमकियां मिल रही हैं। थाने में शिकायत दी और मांग की कि सत्य आधारित जांच होनी चाहिए। ताकि न्याय मिल सके।
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बिलखते परिजन
- फोटो : पीटीआई
सबसे पहले बेटी ने देखा विधायक मामा को किया फोन
पूरण कुमार की बेटी सुबह अपनी दोस्त के घर नाश्ता करने गई थी। घर पर नौकर ही थे। घर लौटी तो पिता सोफे पर खून से लथपथ पड़े थे। बेटी ने सबसे पहले अपने मामा पंजाब के एक विधायक को फोन कर सूचना दी। करीब डेढ़ बजे उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार से फोन पर बात की। उन्होंने किसी तरह के घरेलू विवाद से इन्कार किया।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी
- फोटो : पीटीआई
सुशील की तैनाती नारनौल में, पांच साल से पूरण ने रखा था अपने पास
रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि गिरफ्तार हेड कांस्टेबल सुशील की ड्यूटी नारनौल में थी लेकिन तकरीबन पांच वर्ष से वह पूरण कुमार के साथ रहता था। पूछताछ में सामने आया है कि पहले भी सुशील कुमार रौब दिखाकर कुछ शराब ठेकेदारों से पैसे ले चुका है। इस बार ठेकेदार प्रवीण बंसल ने सुशील की रिकॉर्डिंग कर ली और सारा मामला उजागर हो गया। फिलहाल, सुशील का मोबाइल जब्त करके जांच शुरू कर दी गई है। ड्यूटी कहीं और तैनाती कहीं और के सवाल पर एसपी ने जवाब नहीं दिया।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने अपने घर में गोली मार की खुदकुशी
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नहीं मिला लैपटॉप...
पुलिस ने घर में मृतक अधिकारी का लैपटॉप तलाशा लेकिन वह नहीं मिला। एक लैपटॉप बरामद हुआ जिसे बेटी ने अपना बताया। पंजाब के रिटायर्ड डीजीपी सहोता समेत हरियाणा के कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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मूवी थिएटर में इसी सोफे पर बैठ मारी गोली
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एडीजीपी ने की आत्महत्या
हरियाणा कैडर के 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने मंगलवार को अपने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित घर में निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) की सर्विस रिवॉल्वर से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से अंग्रेजी में लिखा आठ पेज का सुसाइड नोट और एक पेज की वसीयत मिली है। सुसाइड नोट में सात-आठ आईपीएस और दो आईएएस अधिकारियों का जिक्र करते हुए उन पर तंग करने का आरोप लगाया गया है।
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एडीजीपी वाई पूरण कुमार की फाइल फोटो
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मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी वाई पूरण को 29 सितंबर को ही रोहतक रेंज के आईजी पद से हटाकर सुनारिया पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में आईजी बनाया गया था। रोहतक के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल की शिकायत पर सोमवार रात रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बंसल ने सुशील पर ढाई लाख महीना रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है।
एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने गोली मार की खुदकुशी, मौके पर जांच करती पुलिस
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प्रवीण ने सुशील की ऑडियो क्लिप भी पुलिस को दी। पुलिस ने सुशील को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूछताछ में सुशील ने वाई पूरण कुमार का नाम लिया था। एसपी नरेंद्र बिजारणिया ने बताया कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में पूरण कुमार को कोई नोटिस नहीं दिया था। घटना के समय घर में कोई नहीं था।