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पद्मावती के सेट पर भंसाली की पिटाई पर शेखर सुमन ने दिया बड़ा बयान, जानिए क्या

Sun, 19 Feb 2017 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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शेखर सुमन
पद्मावती के सेट पर संजय लीला भंसाली की पिटाई पर दिए बयान के कारण एक्टर शेखर सुमन को विरोध झेलना पड़ा। उन्होंने अब फिर बड़ा बयान दिया है।
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शेखर सुमन
शेखर सुमन अमृता प्रीतम और साहिर लुधियानवी की प्रेम कहानी पर आधारित नाटक एक मुलाकात का मंचन करने को चंडीगढ़ पहुंचे। यहां उन्होंने संजय लीला भंसाली के मामले पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी गतल होगा उसके खिलाफ जरूर बोलूंगा। भंसाली के मामले में एक बार पहले बोला तो विरोध किया गया, लेकिन मैं डरता नहीं। जो गलत है, वो गलत है।
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शेखर सुमन
शेखर सुमन ने बताया कि नाटक का मंचन इंदौर में हुआ तो वहां भी इसको लेकर विवाद खड़ा किया गया। यह विवाद राजपूत करणी सेना ने नाटक के अभिनेता शेखर सुमन के संजय लीला भंसाली के बचाव पर बोले गए शब्दों की वजह से किया। उन्होंने जवाब में कहा कि मैं साहिर लुधियानवी का किरदार निभा रहा हूं, ऐसे में डरना कहां से सीखूं। मैंने भंसाली का पक्ष लिया, क्योंकि ये मुझे सही लगा। 

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शेखर सुमन
शेखर सुमन ने बताया कि मसला सिर्फ इतना था कि उन्होंने मेरे कहे हुए को गलत ढंग से लिया। राजपूत करणी सेना से बातचीत में मैंने उनका पक्ष और अपना पक्ष साफ किया, जिससे स्थिति संभल गई। मेरे अनुसार किसी चीज का विरोध करना सही है, लेकिन उसके लिए किसी को धमकाना या पीटना गलत है। मैं किसी का साथ देने से नहीं डरता, मेरी पत्नी ने भी मुझसे कहा था कि आपको क्या जरूरत है किसी के लिए बोलने की, क्योंकि मैं इससे इत्तफाक नहीं रखता।
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शेखर सुमन
शेखर ने नाटक से जुड़े अनुभव पर कहा, अमृता और साहिर पर कितना कुछ लिखा है। सैफ ने जब नाटक सुनाया तो लगा कि मैंने नाटक नहीं नाटक ने मुझे चुन लिया है। साहिर को बचपन में पढ़ा था। इंडस्ट्री में आया तो उनसे मिल नहीं पाया, क्योंकि उनका पहले ही इंतकाल हो चुका था। लेकिन नाटक के सहारे उनसे दोबारा मुलाकात हुई। मैंने उनके और अमृता के बीच के रिश्ते से ये बात जानी की जो मुकम्मल न हो वही इश्क है।
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शेखर सुमन
शेखर ने कहा कि दोनों के बीच दूरी आनी जरूरी थी क्योंकि शायद वह इस प्यार को पाकर भी अधूरे रहते। दोनों दूर रहकर ही पूरे हो चुके थे। मुझे बस अपने अंदर साहिर को पहचाने और जानने की जरूरत थी। इसके बाद ही यह किरदार करने में आनंद आया। नाटक में साहिर लुधियानवी के रोल में खरा उतरना काफी चुनौती भरा रहा। इस रोल को निभाने से पहले लिए मैंने साहिर से जुड़े कई लोगों से मुलाकात की, जो उनको करीब से जानते थे।
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