अरविंद केजरीवाल
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गांव की सरपंच प्रमिला देवी, महेंद्र मइया, पूर्व सरपंच दलजीत शर्मा, संजय खेड़ा के अनुसार इस कुएं का पानी न केवल अकेले खेड़ा, बल्कि गांव ढाणी बल्हारा, धीरजा, ढाणी दयाचंद, ढाणी मिरान, मिरान, बख्तावरपुरा आदि कई गांवों के लोगों की प्यास इसी कुएं के पानी से बुझती थी। आज यह कुआं खंडहर के रूप में बदल चुका है।