देखिए एक ऐसा गांव, जो पीएम मोदी का कैशलेस पेमेंट का सपना साकार कर चुका है। यहां अब शत प्रतिशत कैशलेस भुगतान होता है।
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ये है, हरियाणा के नारनौल जिले का गांव अकबरपुर रामू। कैशलेस होने वाला ये प्रदेश का दूसरा गांव है। अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील कुमार गुलाटी ने मंगलवार को गांव की दुकानों से ई-वालेट के माध्यम से कुछ सामान खरीद कर भुगतान किया और कैश लेस गांव बनने की विधिवत घोषणा की।
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लगभग 1158 की जनसंख्या वाले इस गांव में दुकानदार ई-वालेट के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। गांव में लगभग 236 घर हैं, और सभी घरों में एक युवक व बच्चे को नकदी रहित लेनदेन प्रणाली का अच्छा ज्ञान है।
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92 फीसदी ग्रामीणों का बैंक में खाता हैं तथा 350 स्मार्ट फोन हैं, जिनमें डाटा रिचार्ज करवा रहे हैं। इस गांव में भुगतान रहित प्रणाली का सफल परीक्षण के पीछे गांव में लगा बीएसएनएल का 3जी टावर भी है।
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गांव में अन्य कंपनी के नेटवर्क भी अच्छे हैं। बच्चों से भी गुलाटी ने अपने नंबर से भी लेनदेन करवाकर देखा। इससे पहले गांव के मंदिर में कैश लेस के संबंध में आयोजित समारोह में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए गुलाटी ने कहा कि समाज के हर वर्ग के विकास के लिए जरूरी है कि सिस्टम में पूरी पारदर्शिता हो।
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प्रधानमंत्री ने सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए देश को डिजिटल बनाने का यज्ञ शुरू किया है। इस यज्ञ में हम सभी को आहुति देनी है। उन्होंने बेल्जियम, कनाडा, फ्रांस व आस्ट्रेलिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों में 90 फीसदी ई-करेंसी प्रयोग में होती है।
यही कारण है कि वहां के नागरिकों का जीवन स्तर इतना ऊंचा है। उन्होंने अकबरपुर रामू के ग्रामीणों को कैश लेस गांव बनाने पर बधाई देते हुए कहा कहा कि अगर हम इसी तरह डिजिटल अभियान से जुड़े रहेंगे तो आने वाले 5-10 वर्षों में बड़ा परिवर्तन हो जाएगा।