चंडीगढ़ के मनीमाजरा इलाके में मकान के कमरे में आग लगने से पुलिसवाले की 7 साल की अपंग बच्ची हिमांशी जिंदा जल गई। सदमे में मां बेहोश हो गई। देखिए, पूरा मामला।
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आग में जिंदा जली पुलिसवाले की अपंग बच्ची, मां को सदमा
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शांति नगर इलाके में जब घटना हुई तो बच्ची की मां संगीता मार्केट गई थी, जबकि चंडीगढ़ पुलिस में बतौर कांस्टेबल तैनात पिता नितिन पीसीआर में अपनी ड्यूटी पर गए थे। हिमांशी के भाई हिमांशु ने बताया कि वे माचिस से खेल रहे थे, जिससे आग लगी है।
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बताया जा रहा है बच्चे माचिस से खेल रहे थे, जब कमरे में आग लगी। उस समय वहां 7 साल की अपंग बच्ची हिमांशी और उसका छोटा भाई 4 साल का हिमांशु ही थे। आग लगते ही साथ के कमरे में रहने वाली परमजीत कौर 10 महीने के बच्चे और हिमांशी के भाई हिमांशु को लेकर बाहर भागी।
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चलने-फिरने में असमर्थ हिमांशी चीखती रही, मगर आग इतनी ज्यादा थी कि किसी की मदद की हिम्मत नहीं हुई। फायर कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के बाद बच्ची को कमरे से बाहर निकाला और पीसीआर में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने हिमांशी को मृत बताया।
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सदमे में हिमांशी की मां संगीता बेहोश हो गई, वहीं पड़ोसन परमजीत कौर का कहना कि उसका 10 महीने का बच्चा भी इन बच्चों के साथ खेल रहा था। जब वे आग लगने के बाद बाहर भागी तो हिमांशी के भाई हिमांशु ने बताया कि वे माचिस से खेल रहे थे, जिससे आग लगी है।
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मनीमाजरा थाना प्रभारी हरमिंदरजीत सिंह, मौलीजागरां थाना प्रभारी बलदेव कुमार और एएसपी गुरइकबाल सिंह सिद्धू और फायर विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों का कुछ पता नहीं चल पाया है, जबकि आग से घर का सारा सामान जलकर राख हो गया है।