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लाल बत्ती वाली ऑडी में पकड़ी गई 42 लाख की जाली करेंसी, आरोपी बड़े घरानों से

Fri, 02 Dec 2016 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
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42 लाख की जाली करेंसी समेत तीन गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने एक लाल बत्ती वाली ऑडी से 42 लाख की जाली करेंसी पकड़ी है, जिसमें 2000 के नए नकली नोट भी है।
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42 लाख की जाली करेंसी समेत तीन गिरफ्तार
नोटबंदी के बाद लोगों के पुराने हजार व 500 के नोट बदलने का झांसा देकर नकली नोट थमाने वाले गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने इस मामले में लोगों से तीस फीसदी कमीशन भी वसूलते थे। गिरोह के मेंबरों को पुलिस ने लाल बत्ती लगी सफेद रंग की ऑडी कार में जगतपुरा पर लगाए गए स्पेशल नाके से दबोचा है। पुलिस ने उनसे 42 लाख की जाली करेंसी भी बरामद की है। आरोपियों ने यह ऑडी कुछ दिन पहले ही खरीदी थी।
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42 लाख की जाली करेंसी समेत तीन गिरफ्तार
हैरानी की बात यह है कि इस वारदात में एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने अब तक गिरोह के तीन मेंबरों को पकड़ा है। आरोपियों की पहचान अभिनव वर्मा जीरकपुर, विशाखा वर्मा निवासी मकान नंबर 202, सी टाइप-रेलवे फैक्टरी कपूरथला व सुमन नागपाल निवासी गगनदीप कॉलोनी लुधियाना शामिल है। 

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42 लाख की जाली करेंसी समेत तीन गिरफ्तार
पुलिस को सूचना मिली थी उक्त गिरोह भोले भाले लोगों को फंसाकर पुरानी करेंसी बदलने का कारोबार करते हैं। ये लोग तीस फीसदी कमीशन काटकर नई नकली करेंसी दे देते थे। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने जगतपुरा में मंगलवार रात स्पेशल नाका एसएचओ हरसिमरन की अगुवाई में लगाया था। इसी बीच पुलिस ने हरियाणा की वीआईपी नंबर की लाल बत्ती लगी ऑडी कार को रुकने का इशारा किया। जब कार की तलाशी ली गई तो उससे यह रकम बरामद हुई।
 
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यह गिरोह के मेंबरों ने पूछताछ में बताया है। उन्होंने नोटबंदी के बाद से उक्त कारोबार में कदम रखा था। उन्होंने बताया कि उनके कई अन्य साथी भी इस कारोबार में जुटे हुए हैं। पुलिस ने उक्त लोगों को गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न टीमें गठित कर भेज दी हैं। पुलिस का दावा है कि अन्य आरोपी भी जल्दी ही पुलिस की पकड़ में आ जाएंगे।
 
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अमन ने चितकारा यूनिवर्सिटी से बीटेक की है। जबकि विशाखा के पिता रेलवे में अच्छे पद पर हैं। वहीं, उसने सिक्किम मनी पाल यूनिवर्सिटी से एमबीए की है। जबकि सुमन नागपाल लुधियाना का नामी प्रॉपर्टी डीलर है। पता चला है विशाखा उसके ऑफिस में काम करती है। उन्होंने माना है कि जल्दी अमीर बनने के चक्कर में उक्त राह चुनी थी।
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वहीं, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हुई है कि उक्त लोगों ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। वहीं, उक्त गिरोह ने जाली करेंसी कहा से छापी है। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह में शामिल सभी लोग जल्दी ही पकड़ जाएंगे।
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बताया जा रहा है कि आरोपियों ने सफेद रंग की ऑडी पर लाल बत्ती इसलिए लगाई ताकि कोई उन्हें नाके पर न रोके और किसी को शक न हो। लेकिन पठानकोट आतंकी हमला और जेल ब्रेक के बाद पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। ऐसे में अन्य बड़े अपराधी पुलिस के शिकंजे में आ रहे हैं।
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