आईपीएस संगीता कालिया की तरह पंजाब के किसान की एक बेटी ने आरबीआई की जॉब छोड़कर पीसीएस की राह चुनी। पढ़िए इनकी सक्सेस स्टोरी।
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मिसाल: छोटी उम्र में PCS अफसर बनी किसान की बेटी
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ये होनहार बेटी है, गुज्जर बिरादरी से संबंधित व कृषि धंधे से जुड़े सतनाम सिंह की बेटी सोनम चौधरी। 25 साल की आयु में पीसीएस अधिकारी बनी सोनम का जन्म 1990 में नवांशहर जिले के गांव जलालपुर में हुआ। सोनम को कंप्यूटर साइंस इंजीनियर की डिग्री हासिल करने के बाद उसे आरबीआई में नौकरी मिल गई थी, लेकिन उनका मन सिविल प्रशासन में बड़ी अधिकारी बनकर लोगों की सेवा करने में था। वे ड्यूटी के बाद पीसीएस की पढ़ाई की तैयारी करतीं थीं।
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मिसाल: छोटी उम्र में PCS अफसर बनी किसान की बेटी
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सोनम ने बताया कि उनके गांव वाले व रिश्तेदार अक्सर कहते कि क्या पढ़कर तू कोई आफिसर बन जाएगी, लेकिन उसने ऐसी बातों पर कोई प्रतिक्रिया देने के बजाय पढ़ाई पर जोर दिया। आखिर सोनम की मेहनत रंग लाई और वे पीसीएस की परीक्षा में पहली बार प्रयास में ही फरवरी 2014 में अधिकारी बन गईं।
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गुज्जर बिरादरी से संबंधित होने के कारण उनके परिवार में तो क्या उनकी रिश्तेदारी में भी कोई अधिकारी नहीं था और न ही कोई ऊंची पहुंच। सोनम ने बताया कि जब भी वे किसी सरकारी दफ्तर में जातीं तो लोगों की हो रही दिक्कत से उन्हें बेहद दुख होता था। सोनम ने कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई की और पीसीएस बन गईं।
सोनम अब लोगों की सेवा करने के साथ-साथ सिस्टम में और भी सुधार लाने के लिए आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं। सोनम ने बताया कि उसे आईएएस अधिकारी कविता चौहान से बहुत कुछ सीखने को मिला। बरनाला में वे अपने दफ्तर में सुबह से शाम तक लोगों की समस्याओं के समाधान करने में जुटी रहती हैं। वे ड्यूटी पर भी सभी अधिकारियों से पहले पहुंचती हैं।