आम लोग लाइनों में लग कर बड़ी मुश्किल से 2000 रुपए निकाल पा रहें है, लेकिन क्या आपने सोचा कि इन लोगों के पास करोड़ों के नए नोट कहां से आ जाते हैं?
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- फोटो : File Photo
हम रोजाना खबरों में सुन रहें है कि फलां जगह फलां व्यक्ति के पास से 4 करोड़ रुपए के नए नोट मिले तो किसी और व्यक्ति के पास से 1 करोड़ के नए नोट मिले। तो सवाल है कि यह कैसे संभव है? नए 2000 रुपए के नोट इन लोगों के पास कहां से पहुंच जाते है?
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इन्होने करोड़ों के नए नोट कैसे जमा कर लिए?
सवाल उठाना लाज़मी भी है, क्योंकि जहां खर्चा चलाने के लिए आम आदमी को 2000 रुपए नहीं मिल रहे हैं तो वहीं इनको स्टोर करने के लिए करोड़ों के नए नोट कहां से मिल गए? चंडीगढ़ में भी ऐसा मामला सामने आ चुका है, जिसमें कर्मचारियों को नौकरी तक से निकाल दिया गया था।
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इन्होने करोड़ों के नए नोट कैसे जमा कर लिए?
इस बात को एक्सपर्ट भी सही ठहराते हैं कि बिना मिलीभगत से ये संभव नहीं है। एक्सपर्ट से बात की गई तो उनका साफ कहना था कि यह बैंक के हाईलेवल अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। लेकिन फिर भी सवाल उठता है कि करोड़ों रुपए कैसे? क्या सरकार को पता नहीं चलता?
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नए नोट
- फोटो : ani
ऐसे में सरकार की कार्यप्रणाली भी शक के घेरे में आती है। सवाल ये भी उठता है कि पैसा तो बैंक से ही आता है, ये सभी को पता है तो क्या बैंक इतने रुपए के आदान-प्रदान का गलत आकड़ा सरकार को देता है जो इतने बड़े अमाउंट के पैसों के हेरफेर का पता नहीं चलता?
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दूसरी तरफ, नए नोटों के लिए मारामारी जारी है और कुछ लोग करोड़ों के नए नोट दबा कर बैठ गए हैं। पुराने नोट अगर कहीं बड़ी मात्रा में मिलते तो चलो समझ भी आता है लेकिन नए 2000 रुपए के नोट वो भी इतनी मात्रा में? सरकार को इस बारें में कड़ा संज्ञान लेने की जरूरत है।
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- फोटो : फाइल फोटो
खैर, नए नोटों की हेराफेरी में बैंकों की मिलीभगत कुछ दिन पहले चंडीगढ़ में सामने आई, जहां 3 दिसंबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 15 स्थित एचडीएफसी ब्रांच के ब्रांच मैनेजर और तीन अन्य कर्मचारियों को नौकरी से टर्मिनेट कर दिया गया। निकाले गए कर्मचारियों ने सिर्फ अपने जानकारों का फेवर किया। उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई थी।
बैंक के प्रवक्ता राजीव बनर्जी ने बताया कि उक्त ब्रांच के मैनेजर व कर्मचारियों ने अपने परिजनों व जानकारों को शादियों के लिए आरबीआई की गाइड लाइंस की अनदेखी करते हुए उनके नोट बदले। जांच करने पर जब ये आरोप सही पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए नौकरी से निकाल दिया गया है।