60 फीट गहरे बोरवेल से 48 घंटे बाद निकला और उसके तीन दिन बाद डेढ़ साल के मासूम नदीम ने खोलीं आंखें, तो जिगर के टुकड़े को देखकर मां फूट-फूट कर रोईं।
विज्ञापन
2 of 5
बोरवेल से निकाला गया मासूम
हिसार जिले के गांव बालसमंद के पास ढाणी में बोरवेल से निकाले गए डेढ़ साल के नदीम ने सोमवार को आंखें खोली और रोते हुए हलचल भी की। चिकित्सकों की देखरेख में उसे नली से दूध और जूस पिलाया गया। सर्वोदय अस्पताल के आईसीयू में उपचाराधीन नदीम की हालत में लगातार सुधार दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
3 of 5
बोरवेल से निकाला गया मासूम
बोरवेल से निकालने के तीन दिन बाद नदीम के शरीर में हलचल देखकर डॉक्टरों और परिजनों ने राहत की सांस ली। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. उमेश कालरा ने बताया कि नदीम का इन्फेक्शन और निमोनिया का असर कम हो रहा है। उसकी स्थिति को लेकर 48 से 72 घंटे तक इंतजार करना जरूरी था। अब नदीम खतरे से बाहर है।
4 of 5
बोरवेल से निकाला गया मासूम
डॉ. कालरा ने बताया कि डॉक्टरों की टीम उस पर लगातार निगरानी रखे है, उसे जरूरी दवाएं दी जा रही हैं। आगामी एक-दो दिन में उसकी हालत में और सुधार होगा। उसके बाद उसे आवश्यक उपचार और देखभाल दी जाएगी। बच्चे को ठीक करना हमारा लक्ष्य है और हम इसमें जरूर कामयाब होंगे।
गौरतलब है कि गांव बालसमंद में होली वाले दिन 20 मार्च की शाम 5:30 बजे नदीम बेर के पेड़ के पास भाई-बहनों के साथ बेर खाने गया था। इसी दौरान वह वहां खुले छोड़े गए बोरवेल में गिर गया था। 48 घंटे बाद भारतीय सेना, एनडीआरएफ की टीम व जिला प्रशासन के सहयोग से नदीम को बाहर निकाला गया।