पीसीए स्टेडियम शनिवार को 13वें टेस्ट मैच का गवाह बना। वहीं, क्रिकेट के चाहने वालों का जुनून भी खूब देखने को मिला। स्टेडियम के अंदर की तस्वीरें।
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मोहाली स्टेडियम में भारत और इंगलैंड के बीच मैच
भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट की शुरूआत खुशनुमा मौसम के साथ हुई। हलांकि इंग्लैंड के लिए सुबह का सत्र सही नही रहा और टीम के चार मुख्य खिलाड़ी लंच से पहले ही पवेलियन चलते बने, जिससे इंग्लैंड के सर्मथकों में निराशा का माहौल छाया रहा। वहीं 27 हजार की क्षमता वाले पीसीए स्टेडियम मे भीड़ कम थी और स्टैंड खाली रहे।
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मोहाली स्टेडियम में भारत और इंगलैंड के बीच मैच
भारत-इंग्लैंड के बीच शनिवार को सिक्के के उछाल के साथ ही पीसीए स्टेडियम अब तक 13वे टेस्ट मैच का गवाह बन गया। इसमें खास बात यह रही कि जिस भी टीम ने पिछले सात मैच में टॉस जीता उसने पहले बल्लेबाजी को चुना। टेस्ट मैच से ठीक पहले नेट्स पर अभ्यास के दौरान भारतीय ओपनर लोकेश राहुल के चोटिल हो गए। इनकी जगह युवा खिलाड़ी बने।
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मोहाली स्टेडियम में भारत और इंगलैंड के बीच मैच
इंग्लैंड के कप्तान एलियस्टर कुक दो मिले जीवनदान का फायदा नहीं उठा सके। उन्हें मोह मद शमी के तीसरे और 11वे ओवर में दो बार जीवनदान मिले। पहला कैच रवींद्र जडेजा और दूसरा अश्विन ने उनका कैच का मौका गंवा। हालांकि बाद में अश्विन अंग्रेज कप्तान को विकेट के पीछे कैच कराकर नुकसान की भरपाई करने में सफल रहे।
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मोहाली स्टेडियम में भारत और इंगलैंड के बीच मैच
तीसरे टेस्ट में भले ही इंग्लैंड ने टॉस जीतने पर खुश थी लेकिन टीम से सबसे पहले हमीद 9 रन, एलिस्टेर कुक 27 रन्र, जो रूट 15 रन, मोइन अली 16 रन पर आउट होते ही इंग्लैंड की टीम की खुशी गम में बदल गई। मैच देखने के लिए स्कूली छात्र पहुंचे। इनमें ट्राइसिटी के अलावा पानीपत के स्कूल के छात्रों का ग्रुप अपने चेहते क्रिकेटरों को देखने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए स्टेडियम पहुंचे।
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मोहाली स्टेडियम में भारत और इंगलैंड के बीच मैच
एक समय में 145 के स्कोर पर 5 विकेट खो चुकी मेहमान टीम को बटलर और बेयरस्ट्रो ने संभाला। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 69 रनों की महत्तवपूर्ण सांझेदारी ने इंग्लैंड का मुसीबत में संभाला। इस जोड़ी का अंत रविदर जडेजा ने बटलर को कोहली के हाथों कैचकर करवा कर किया। आउट होने से पहले बटलर 5 चौकों के साथ 43 रन बना चंके थे।
वहीं एक समय खतरनाक और शतक की तरफ बढ़ रहे बेयरस्ट्रो को ज्यंत यादव ने 89 के निजी स्कोर पर पगबाधा करार देकर पवेलियन पहुंचाया। उस समय टीम को स्कोर 258 पर 7 विकेट हुआ। आउट होने से पहले बेयरस्ट्रो ने 177 गेंदों पर 89 रन बनाए। इस पारी मे 6 चौके शामिल रहे।