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अनोखा विरोध: प्रशासन ने मृत बता काट दी पेंशन, 102 साल के दुलीचंद ने गाजे-बाजे के साथ बताया-थारा फूफा जिंदा है

Fri, 09 Sep 2022 05:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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102 साल के दुलीचंद ने दिया जिंदा होने का सबूत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
आमतौर पर लोग बढ़ती उम्र को परेशानी का सबब मानते हैं, लेकिन हरियाणा के रोहतक के दुलीचंद ऐसे नहीं हैं। 102 साल की उम्र में भी वे अपने हक के लिए लड़ना जानते हैं। इसी के चलते उन्होंने अपनी पेंशन के लिए ऐसा विरोध किया कि पूरे शहर में उनकी चर्चा हो गई। 



दरअसल 102 वर्षीय दुलीचंद की पेंशन काट दी गई है। इससे आहत होकर वे बैंड बाजे के साथ अपने जीवित होने का प्रमाण देने पहुंचे। पगड़ी पहन, हाथ में फरसा लेकर रथ पर सवार दुलीचंद के आगे बैंड की धुन पर थिरकते लोग भी शामिल रहे। आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद के साथ दुलीचंद मानसरोवर पार्क से अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां एडीसी महेंद्रपाल ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। 
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बग्घी के आगे नाचते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
इससे पहले मानसरोवर पार्क में नवीन जयहिंद के नेतृत्व में समाज के लोग एकजुट हुए। यहां सभी ने बुजुर्ग की पेंशन काटने की निंदा करते हुए इसे तुरंत दोबारा शुरू करने की अपील की। सभा करने के बाद सभी रथ के सामने बैंड की धुन पर नाचते गाते हुए एडीसी कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान बुजुर्ग ने अपने हाथ में खुद के जिंदा होने के संबंध में लिखी पट्टिका भी थामी हुई थी। एडीसी कार्यालय पहुंचकर बुजुर्ग ने एडीसी व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर को ज्ञापन सौंपा।
 
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102 साल के दुलीचंद ने दिया जिंदा होने का सबूत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
अपनी पेंशन काटे जाने के विरोध में बुजुर्ग दुलीचंद रथ पर सवार होकर एडीसी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उनके साथ एक बोर्ड लगाया गया था जिसमें लिखा था-थारा फूफा जिंदा है।  
 

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102 साल के दुलीचंद ने दिया जिंदा होने का सबूत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
नवीन जयहिंद ने कहा कि गांधरा निवासी दुलीचंद 102 साल के हैं। उन्हें सरकार ने अपने रिकॉर्ड में मृत घोषित कर उनकी बुढ़ापा पेंशन काट दी है। इस संबंध में प्रशासन को पेंशन दुरुस्त करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इस पर प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। इसलिए यह प्रदर्शन किया गया।
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102 साल के दुलीचंद ने दिया जिंदा होने का सबूत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
बुजुर्ग के आधार कार्ड, पैन कार्ड, फैमिली आईडी व बैंक स्टेटमेंट भी प्रशासन व पूर्व मंत्री को दिखाए गए। साथ ही उनसे सरकार के पास इन बुजुर्गों की पेंशन के लिए रुपये नहीं होने का सवाल किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को उनकी पेंशन मिलनी चाहिए। यह उनका हक है। इस मौके पर अनेक लोग मौजूद रहे।
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