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करोड़ों का भवन तैयार, फिर भी तपती धूप में पढ़ने को मजबूर इस स्कूल के छात्र

Wed, 04 May 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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शिमला के चमियाणा स्थित वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भट्टाकुफर के छात्रों को क्लासरूम नसीब नहीं हो सका है। सालों से यह हाल है। बारिश और बर्फबारी पर यहां एक क्लासरूम में दो-तीन कक्षाएं बैठती हैं। मौसम साफ होने पर खुले आकाश के नीचे कक्षाएं लगती हैं। हैरत की बात है कि स्कूल का नया भवन बनकर तैयार है मगर आजकल तपती धूप में भी खुले में कक्षाएं लग रही हैं। - फोटो : अमर उजाला
शिमला के चमियाणा स्थित वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भट्टाकुफर के छात्रों को क्लासरूम नसीब नहीं हो सका है। सालों से यह हाल है। बारिश और बर्फबारी पर यहां एक क्लासरूम में दो-तीन कक्षाएं बैठती हैं। मौसम साफ होने पर खुले आकाश के नीचे कक्षाएं लगती हैं। हैरत की बात है कि स्कूल का नया भवन बनकर तैयार है मगर आजकल तपती धूप में भी खुले में कक्षाएं लग रही हैं।
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स्कूल के स्तरोन्नत होने के बाद से वर्ष 2011 से लेकर हालात ऐसे ही बने हुए हैं। प्रदेश सरकार ने स्कूल का नया भवन बनाने को बजट मंजूरी दी, करीब 3.78 करोड़ की राशि खर्च कर स्कूल का बहुमंजिला भवन बनकर तैयार है, मगर बीच में बजट की किस्त शिक्षा विभाग से समय से जारी न होने के कारण कुछ काम अधर में लटका हुआ है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को स्वयं स्कूल का दौरा कर मसले को सुलझाकर दोबारा शेष बचे काम के टेंडर करवाकर काम पूरा करने के निर्देश देने पड़े। - फोटो : अमर उजाला
स्कूल के स्तरोन्नत होने के बाद से वर्ष 2011 से लेकर हालात ऐसे ही बने हुए हैं। प्रदेश सरकार ने स्कूल का नया भवन बनाने को बजट मंजूरी दी, करीब 3.78 करोड़ की राशि खर्च कर स्कूल का बहुमंजिला भवन बनकर तैयार है, मगर बीच में बजट की किस्त शिक्षा विभाग से समय से जारी न होने के कारण कुछ काम अधर में लटका हुआ है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को स्वयं स्कूल का दौरा कर मसले को सुलझाकर दोबारा शेष बचे काम के टेंडर करवाकर काम पूरा करने के निर्देश देने पड़े।
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चमियाणा पंचायत समिति सदस्य इंद्र चोपड़ा का कहना है कि क्लास रूम न होने से खुले में कक्षाएं चल रही हैं, मौसम खराब होने पर एक ही कमरे में दो से अधिक कक्षाएं बिठानी पड़ रही हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अयुब चौधरी का कहना है कि शेष बचे करीब 45 लाख के कार्य के टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसमें रंग रोगन, कुछ फिटिंग और टॉप फ्लोर की सीलिंग का काम शेष है। इसे ढाई माह में पूरा कर दिया जाएगा। - फोटो : अमर उजाला
चमियाणा पंचायत समिति सदस्य इंद्र चोपड़ा का कहना है कि क्लास रूम न होने से खुले में कक्षाएं चल रही हैं, मौसम खराब होने पर एक ही कमरे में दो से अधिक कक्षाएं बिठानी पड़ रही हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अयुब चौधरी का कहना है कि शेष बचे करीब 45 लाख के कार्य के टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसमें रंग रोगन, कुछ फिटिंग और टॉप फ्लोर की सीलिंग का काम शेष है। इसे ढाई माह में पूरा कर दिया जाएगा।
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