प्रतीकात्मक तस्वीर
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सेबी के इस सर्कुलर में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि निवेशकों को केवाईसी में नाम, पता, पैन, मोबाइल नंबर, कमाई आदि जानकारियों को अपडेट करना होगा। अगर वे समय से पहले अपने डीमैट या ट्रेडिंग अकाउंट की केवाईसी नहीं करवाते, तो भविष्य में उनको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।