फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budget 2025: बजट पर बाजार की सुस्त प्रतिक्रिया, सेंसेक्स-निफ्टी उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद

Sat, 01 Feb 2025 05:05 PM IST
अभिषेक दीक्षित बिजनेस डायरी, अमर उजाला

सार

वित्त मंत्री निर्माला सीतारामण अपने कार्यकाल का आठवां बजट पेश कर रही हैं। इस बजट से आम आदमी से लेकर शेयर बाजार को भी काफी उम्मीदें है।
विज्ञापन
1 of 7
बजट 2025-26 के दिन शेयर बाजार - फोटो : amarujala.com
केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से खुदरा निवेशकों और समग्र बाजार के लिए कुछ खास नहीं आने की उम्मीद से शनिवार को विशेष कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन, सीतारमण द्वारा सुधारवादी बजट के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट देने तथा कर स्लैब में फेरबदल करने के बाद उपभोग-संबंधित क्षेत्रों में हुई लिवाली ने बाजार में बड़ी गिरावट को रोक दिया। केंद्रीय बजट पेश होने के कारण शनिवार को बाजार खुले थे।

भारी उतार-चढ़ाव वाले दिन के बाजार में, 30 शेयरों वाला बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स 5.39 अंक या 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 77,505.96 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान, यह 77,899.05 के उच्चतम और 77,006.47 के निम्नतम स्तर पर पहुंचा, तथा 892.58 अंक ऊपर-नीचे हुआ।

23,482.15 पर बंद हुआ निफ्टी
एनएसई निफ्टी 26.25 अंक या 0.11 प्रतिशत गिरकर 23,482.15 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में बेंचमार्क ने 23,632.45 का उच्चतम और 23,318.30 का न्यूनतम स्तर छुआ। पिछले चार दिनों से बाजार में तेजी जारी थी।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "बाजार ने केंद्रीय बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है, जिसका मुख्य कारण वित्त वर्ष 2026 के लिए पूंजीगत व्यय में मामूली 10 प्रतिशत की वृद्धि है, जो उम्मीदों से कम है। रेलवे, रक्षा और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, जिन पर बाजार प्रदर्शन के लिए निर्भर करता है, जिससे धारणा कमजोर हुई है।"

दूसरी ओर, नायर ने कहा कि उपभोग आधारित क्षेत्र, जिन्हें सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है, उनकी मामूली बाजार मिश्रित स्थिति के कारण व्यापक बाजार पर उनका प्रभाव कम रहा।

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, "बजट भले ही बाजार को खुश करने में विफल रहा, लेकिन वेतनभोगी वर्ग के लिए आयकर में बड़ी राहत की सरकार की घोषणा के बाद उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं, एफएमसीजी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खासी खरीदारी हुई। 12 लाख रुपये तक की सालाना वेतनभोगी आय को किसी भी कर से छूट दिए जाने से उपभोग में बड़ी तेजी आने की उम्मीद है, जिसका सकारात्मक असर उपभोग से जुड़े अधिकांश क्षेत्रों पर देखने को मिल रहा है।"

12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट
मध्यम वर्ग को राहत देते हुए सीतारमण ने अपने सुधारवादी बजट के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट दी तथा कर स्लैब में फेरबदल किया।

लोकसभा में अपना आठवां लगातार बजट पेश करते हुए सीतारमण ने अगली पीढ़ी के सुधारों का खाका पेश किया, जिसमें बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाना, कर कानूनों को सरल बनाना, बिचौलियों पर शुल्क में कटौती करना तथा कल्याणकारी उपायों के लिए राजकोषीय सहायता बढ़ाना शामिल है।

उन्होंने यह काम राजकोषीय समेकन की उस रूपरेखा पर कायम रहते हुए किया, जिसमें अनुमान लगाया गया था कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा घटकर सकल घरेलू उत्पाद का 4.4 प्रतिशत रह जाएगा। चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.8 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।

एक्सिस सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रणव हरिदासन ने कहा, "केंद्रीय बजट काफी हद तक हमारी उम्मीदों के अनुरूप रहा है, खासकर मध्यम वर्ग के लिए आयकर में राहत, जिससे उपभोग और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। प्रतिभूति लेनदेन कर या पूंजीगत लाभ कर में कोई बदलाव नहीं किया गया, जैसा कि अनुमान था।"

जोमैटो में 7 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त दर्ज
30 शेयरों वाले ब्लू-चिप पैक में से जोमैटो में 7 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त दर्ज की गई। मारुति, आईटीसी होटल्स, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स, टाइटन और इंडसइंड बैंक सबसे ज़्यादा लाभ में रहे। पावर ग्रिड, लार्सन एंड टूब्रो, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और अदाणी पोर्ट्स पिछड़ने वालों में शामिल थे।

शनिवार को अवकाश के कारण एशियाई बाजार बंद हैं। यूरोपीय बाजार भी बंद रहे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।

जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विशाल कंपानी के अनुसार, बजट में आर्थिक विकास को गति देने के लिए सभी प्रमुख तत्वों को शामिल किया गया है। इसने सफलतापूर्वक त्रिमूर्ति के बीच संतुलन बनाने में कामयाबी हासिल की है - उपभोग को राजकोषीय प्रोत्साहन देना, राजकोषीय ग्लाइड पथ को बनाए रखना और विकास को बढ़ावा देने के लिए सुधार करना।

कम्पानी ने कहा, "कुल मिलाकर, यह एक विकास-केंद्रित बजट है जो सभी विकास कारकों - विनिर्माण, ऋण तक पहुंच, निर्यात, रोजगार सृजन, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास, स्थिरता आदि को बढ़ावा देगा, जिसका अर्थव्यवस्था पर गुणात्मक प्रभाव पड़ेगा।"

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,188.99 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.29 प्रतिशत गिरकर 76.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

शुक्रवार को लगातार चौथे दिन तेजी के साथ 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 740.76 अंक या 0.97 प्रतिशत बढ़कर 77,500.57 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 258.90 अंक या 1.11 प्रतिशत बढ़कर 23,508.40 अंक पर बंद हुआ।
विज्ञापन

2 of 7
Share Market - फोटो : ANI
शेयर बाजार पर असर
विशेषज्ञ बताते हैं कि साल 2021 में बजट वाले दिन शेयर बाजार 21 प्रतिशत चढ़ा था, जबकि बजट के दिन सबसे अधिक गिरावट साल 2020 में देखने को मिली, जब बजट के दौरान 2.4 प्रतिशत गिरावट आई थी। पिछले साल 23 जुलाई 2024 को बजट पेश किया गया था और वित्त मंत्री कैपिटल गेन्स टैक्स को लेकर अपना भाषण दिया था, तो बीएसई सेंसेक्स में 1200 अंकों  की गिरावट आई और एनएसई इंडेक्स 400 अंक तक टूटा था, हालांकि बाद में बाजार बंद होने तक रिकवरी देखने को मिली। असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट के शोध प्रमुख सिद्धार्थ भामरे ने बताया बाजार बजट पर हमेशा से रिएक्ट करता रहा है, हालांकि बड़े से बड़े इवेंट को वो आसानी से लेता भी है। 2024 के आम चुनाव के नतीजे जो बाजार के अनुमान के मुताबिक नहीं आए थे, उसकी वजह बाजार में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन बाद में बाजार बंद होने से पहले इसमें सुधार हुआ और कुछ दिन में निवेशक और बाजार इस इवेंट से आगे बढ़ गए। मुझे उम्मीद है कि इस बार के बजट के दिन भी  शेयर बाजार पर सेक्टर वाइज असर होगा।
विज्ञापन

3 of 7
Share Market - फोटो : Amar Ujala
पहले कैसे रही है बजट के दिन बाजार की चाल
शेयर बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि साल 2020 में बजट के दिन बीएसई सेंसेक्स 988 अंक टूटा यानी 2.43 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि एनएसई निफ्टी 300 अंक फिसला था। साल 2019 में बीएसई सेंसेक्स 212 अंक चढ़ा यानी 0.59 प्रतिशत बढ़ा था, वहीं एनएसई निफ्टी में 62.7 अंक का उछाल आया था। साल 2018 में सेंसेक्स 839 अंक टूटा यानी 0.16 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी 256 अंक टूटा था। साल 2017 में सेंसेक्स बजट वाले दिन 486 अंक बढ़ा यानी 1.76 प्रतिशत चढ़ा और वहीं निफ्टी 155 अंक पर पहुंच गया था। साल 2016 में सेंसेक्स में 152 अंकों गिरावट यानी 0.66 प्रतिशत की गिरावट रही और निफ्टी 42.7 अंकों के साथ फिसला।

4 of 7
शेयर मार्केट प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : ANI
बजट के दिन खुले रहेंगे शेयर बाजार
इस साल 2025 का आम बजट एक फरवरी शनिवार को पेश किया जाएगा। शनिवार होने की वजह से आम तौर पर शेयर बाजार बंद रहते हैं, लेकिन बजट पेश होने की वजह से एक फरवरी को शेयर बाजार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) खुले रहेंगे। वहीं मल्टीकमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) भी अपना सामान्य कारोबार करेगा। एनएसई की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि एक फरवरी को सुबह 9:15 बजे शेयर बाजार खुल जाएगा, जो दोपहर 3:30 बजे तक खुला रहेगा।  इसके पहले भी जब बजट शनिवार के दिन पेश किया गया है तब स्टॉक मार्केट खुला रहा है। शनिवार को जो लोग बाजार खुलने से पहले ट्रेडिंग करना चाहते हैं वे सुबह 9:00-9:08 बजे के बीच कर सकते हैं।
विज्ञापन

5 of 7
शेयर मार्केट - फोटो : Agency
12 साल में यह तीसरा शनिवार है, जब बजट पेश किया जा रहा है
इससे पहले साल 2015 में 28 फरवरी को बजट पेश किया गया था तो शनिवार का दिन था और शेयर बाजार खुले थे, वहीं साल 2020 के बजट को 1 फरवरी शनिवार के दिन ही पेश किया गया था। 12 साल में यह तीसरा शनिवार है, जब बजट पेश किया जा रहा है।
विज्ञापन

6 of 7
शेयर मार्केट क्लोजिंग - फोटो : i-stock
पहले बजट की तारीख फरवरी की आखिरी तारीख होती थी
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल 2015-2019 तक बजट की तारीख फरवरी की आखिरी तारीख हुआ करती थी लेकिन तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस परंपरा को बदल दिया और इसको फरवरी की पहली तारीख को पेश किया जाने लगा। हालांकि इसके समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये पहले की तरह सुबह के 11 बजे पेश किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
सेंसेक्स ओपनिंग बेल - फोटो : Agency
विशेषज्ञों को बजट से उम्मीद
असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट के शोध प्रमुख सिद्धार्थ भामरे कहते हैं बजट का बड़ा असर बाजार पर देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन यह असर सेक्टर के अनुरुप होगा, अगर बजट में कृषि, पावर, ऑटोमोबाइल और विनिर्माण के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए घोषणाएं होती हैं या फिर प्रोत्साहन स्कीम को बढ़ावा मिलता है, तो उन सेक्टर में तेजी रहेगी और जिन क्षेत्रों पर कोई घोषणा नहीं होती है या फिर उसे प्रोत्साहन नहीं मिलेगा तो वे स्टॉक गिरते हुए दिखाई देंगे। बाजार अपनी चाल से चल रहा है और बजट के दिन किस करवट बैठेगा यह कहा नहीं जा सकता है।

सैमको सिक्योरिटीज के संस्थापक जिमीत मोदी कहते हैं,  बाजार के नजरिए से देखे तो बजट में विकास केंद्रित खर्च और राजकोषिय के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है। विकासोन्मुखी बजट जरूरी है, लेकिन सरकार को लोकलुभावन उपायों के मामले में सावधानी बरत सकती है, क्योंकि ऐसे फैसले राजकोषीय घाटे को बढ़ा सकते हैं और रुपये को और कमजोर कर सकते है, इससे दरों में कटौती को सीमित करके आर्थिक सुधार में देरी हो सकती है। राजकोष पर दबाव से विकास की गति कम होने के संकेत मिलते है जो बाजार में बिकवाली का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें