केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से खुदरा निवेशकों और समग्र बाजार के लिए कुछ खास नहीं आने की उम्मीद से शनिवार को विशेष कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन, सीतारमण द्वारा सुधारवादी बजट के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट देने तथा कर स्लैब में फेरबदल करने के बाद उपभोग-संबंधित क्षेत्रों में हुई लिवाली ने बाजार में बड़ी गिरावट को रोक दिया। केंद्रीय बजट पेश होने के कारण शनिवार को बाजार खुले थे।
भारी उतार-चढ़ाव वाले दिन के बाजार में, 30 शेयरों वाला बीएसई बेंचमार्क सेंसेक्स 5.39 अंक या 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 77,505.96 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार के दौरान, यह 77,899.05 के उच्चतम और 77,006.47 के निम्नतम स्तर पर पहुंचा, तथा 892.58 अंक ऊपर-नीचे हुआ।
23,482.15 पर बंद हुआ निफ्टी
एनएसई निफ्टी 26.25 अंक या 0.11 प्रतिशत गिरकर 23,482.15 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में बेंचमार्क ने 23,632.45 का उच्चतम और 23,318.30 का न्यूनतम स्तर छुआ। पिछले चार दिनों से बाजार में तेजी जारी थी।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "बाजार ने केंद्रीय बजट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है, जिसका मुख्य कारण वित्त वर्ष 2026 के लिए पूंजीगत व्यय में मामूली 10 प्रतिशत की वृद्धि है, जो उम्मीदों से कम है। रेलवे, रक्षा और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्र प्रभावित हुए हैं, जिन पर बाजार प्रदर्शन के लिए निर्भर करता है, जिससे धारणा कमजोर हुई है।"
दूसरी ओर, नायर ने कहा कि उपभोग आधारित क्षेत्र, जिन्हें सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है, उनकी मामूली बाजार मिश्रित स्थिति के कारण व्यापक बाजार पर उनका प्रभाव कम रहा।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, "बजट भले ही बाजार को खुश करने में विफल रहा, लेकिन वेतनभोगी वर्ग के लिए आयकर में बड़ी राहत की सरकार की घोषणा के बाद उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं, एफएमसीजी और ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खासी खरीदारी हुई। 12 लाख रुपये तक की सालाना वेतनभोगी आय को किसी भी कर से छूट दिए जाने से उपभोग में बड़ी तेजी आने की उम्मीद है, जिसका सकारात्मक असर उपभोग से जुड़े अधिकांश क्षेत्रों पर देखने को मिल रहा है।"
12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट
मध्यम वर्ग को राहत देते हुए सीतारमण ने अपने सुधारवादी बजट के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट दी तथा कर स्लैब में फेरबदल किया।
लोकसभा में अपना आठवां लगातार बजट पेश करते हुए सीतारमण ने अगली पीढ़ी के सुधारों का खाका पेश किया, जिसमें बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाना, कर कानूनों को सरल बनाना, बिचौलियों पर शुल्क में कटौती करना तथा कल्याणकारी उपायों के लिए राजकोषीय सहायता बढ़ाना शामिल है।
उन्होंने यह काम राजकोषीय समेकन की उस रूपरेखा पर कायम रहते हुए किया, जिसमें अनुमान लगाया गया था कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटा घटकर सकल घरेलू उत्पाद का 4.4 प्रतिशत रह जाएगा। चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.8 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
एक्सिस सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रणव हरिदासन ने कहा, "केंद्रीय बजट काफी हद तक हमारी उम्मीदों के अनुरूप रहा है, खासकर मध्यम वर्ग के लिए आयकर में राहत, जिससे उपभोग और आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। प्रतिभूति लेनदेन कर या पूंजीगत लाभ कर में कोई बदलाव नहीं किया गया, जैसा कि अनुमान था।"
जोमैटो में 7 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त दर्ज
30 शेयरों वाले ब्लू-चिप पैक में से जोमैटो में 7 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त दर्ज की गई। मारुति, आईटीसी होटल्स, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एशियन पेंट्स, टाइटन और इंडसइंड बैंक सबसे ज़्यादा लाभ में रहे। पावर ग्रिड, लार्सन एंड टूब्रो, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और अदाणी पोर्ट्स पिछड़ने वालों में शामिल थे।
शनिवार को अवकाश के कारण एशियाई बाजार बंद हैं। यूरोपीय बाजार भी बंद रहे। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विशाल कंपानी के अनुसार, बजट में आर्थिक विकास को गति देने के लिए सभी प्रमुख तत्वों को शामिल किया गया है। इसने सफलतापूर्वक त्रिमूर्ति के बीच संतुलन बनाने में कामयाबी हासिल की है - उपभोग को राजकोषीय प्रोत्साहन देना, राजकोषीय ग्लाइड पथ को बनाए रखना और विकास को बढ़ावा देने के लिए सुधार करना।
कम्पानी ने कहा, "कुल मिलाकर, यह एक विकास-केंद्रित बजट है जो सभी विकास कारकों - विनिर्माण, ऋण तक पहुंच, निर्यात, रोजगार सृजन, नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास, स्थिरता आदि को बढ़ावा देगा, जिसका अर्थव्यवस्था पर गुणात्मक प्रभाव पड़ेगा।"
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,188.99 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.29 प्रतिशत गिरकर 76.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
शुक्रवार को लगातार चौथे दिन तेजी के साथ 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 740.76 अंक या 0.97 प्रतिशत बढ़कर 77,500.57 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 258.90 अंक या 1.11 प्रतिशत बढ़कर 23,508.40 अंक पर बंद हुआ।