सैलरी क्लास को केंद्र सरकार जल्द ही एक राहत के साथ-साथ बड़ा झटका भी देने जा रही है। सरकार ने एक प्रस्ताव लेकर आर रही है, जिससे आपकी टेक होम सैलरी में इजाफा हो जाएगा, लेकिन दूसरी तरफ आपकी बचत में कमी हो जाएगी।
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श्रम मंत्रालय ने तैयार किया प्रस्ताव
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श्रम मंत्रालय ने एक प्रस्ताव तैयार किया जिससे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में हर महीने होने वाले अंशदान में कमी की जाएगी। यह प्रस्ताव इस महीने के अंत तक तैयार हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की सैलरी बढ़ जाएगी।
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अंशदान में होगी 2 फीसदी की कटौती
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प्रस्ताव के मुताबिक हर महीने होने वाले अंशदान में कटौती की जाएगी। अभी एक कर्मचारी की बेसिक सैलरी से 24 फीसदी हिस्सा ईपीएफओ में ट्रांसफर किया जाता है। इसमें से 12 फीसदी कर्मचारी की सैलरी से कटता जो कि सीधे पीएफ खाते में जमा हो जाता है। बाकी का 12 फीसदी नियोक्ता जमा करता है जो पेंशन खाते, पीएफ खाते और बीमा स्कीम में किया जाता है। सरकार नियोक्ता द्वारा किए जाने वाले अंशदान में 2 फीसदी की कटौती करने जा रही है।
सीबीटी की बैठक में होगा फैसला
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श्रम मंत्रालय ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की अगली बैठक में इस प्रस्ताव को रखेगा। अगर यह प्रस्ताव बैठक में पास हो जाता है, तो फिर इसे आगे वित्त मंत्रालय के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। वित्त मंत्रालय से अनुमोदन मिलने के बाद यह पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।
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ईपीएफओ के नियमों में 15 अगस्त से बड़े बदलाव
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के नियमों में आगामी 15 अगस्त से बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। विभाग अपने सदस्यों के एक से ज्यादा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) को आपस में मर्ज करने का अभियान चलाएगा। साथ ही शिकायतें ऑनलाइन दर्ज होंगी। 10 लाख रुपये से ज्यादा के पीएफ विड्राल के लिए और कर्मचारी पेंशन योजना-1995 से 5 लाख रुपये से ज्यादा निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम करना भी अनिवार्य हो जाएगा।
सरकार ने ईपीएफ से जुड़े नियमों में बड़ा फेरबदल किया है। नए प्रावधान के अनुसार अगर आपकी सैलरी 1 महीने तक नहीं मिली है यानी आप बेरोगजार हैं तो आप अपने भविष्य निधि खाते से 75 फीसदी तक जमा धनराशि निकाल सकते हैं।