पीपीएफ, एफडी जैसे निवेश के पारंपरिक साधनों से इतर बेहतर रिटर्न के लिए अक्सर लोग शेयर बाजार का रुख करते हैं। पिछले कुछ महीनों से बाजार में जारी गिरावट से निवेशकों का मोहभंग होने लगा है और वे सुरक्षित निवेश के लिए सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के तहत म्यूचुअल फंड में पैसे लगा रहे हैं।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड इन इंडिया (एम्फी) के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अभी तक निवेशकों ने 9.39 लाख एसआईपी खाते हर महीने खुलवाए हैं। इन पांच महीनों (अप्रैल-अगस्त) में एसआईपी से कुल निवेश 41,098 करोड़ रुपये का हो गया है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 36,760 करोड़ था। एम्फी का कहना है कि अगस्त से लेकर पिछले 12 महीनों के दौरान हर महीने एसआईपी में औसतन 8,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। पिछले कुछ वर्षों से एसआईपी में निवेश लगातार बढ़ रहा है। 2018-19 में जहां एसआईपी के जरिये 92,700 करोड़ का निवेश हुआ, वहीं 2017-18 में 67,000 करोड़ और 2016-17 में 43,900 करोड़ का निवेश हुआ था। अभी एसआईपी में कुल 2.81 करोड़ खाते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में।