अभी तक निजी अस्पताल या फिर डॉक्टर के क्लिनिक पर जाकर के दिखाने पर होने दी जाने वाली फीस, दवाई और जांच पर होने वाले खर्च (ओपीडी) को खुद ही वहन करना पड़ता था। हेल्थ इन्श्योरेंस होने के बावजूद ओपीडी का खर्च इसमें शामिल नहीं होता था। लेकिन अब कई कंपनियों ने आम लोगों की सहुलियत के लिए ऐसे प्लान लांच कर दिए हैं, जिसमें ओपीडी का खर्चा भी शामिल है। हम आपको ऐसी कुछ कंपनियों के प्लान बताने जा रहे हैं, जिनका आप फायदा ले सकते हैं......
विज्ञापन
ओपीडी में होता है 60 फीसदी खर्चा
2 of 5
भारत में डाक्टर की फीस व जांच आदि पर लोग सबसे ज्यादा खर्च करते हैं। इलाज से पहले का यह खर्चा करीब 60 फीसदी होता है, जिसको मरीज के तीमारदार खुद वहन करते हैं। यह तब है जब किसी व्यक्ति के पास हेल्थ इन्श्योरेंस कवर पहले से होता है। हालांकि कुछ कंपनियां पहले से ओपीडी कवर भी मुहैया कराती थी, लेकिन इसके लिए ज्यादा प्रीमियम देना होता था।
विज्ञापन
इन कंपनियों ने निकाली नई पॉलिसी
3 of 5
प्राइवेट सेक्टर की कई कंपनियों ने ओपीडी कवर को शामिल करते हुए नई पॉलिसियां लांच कर दी हैं, जिसमें आपको कैशलेस सुविधा का लाभ भी मिलेगा। अपोलो म्युनिख, मैक्स बूपा, आईसीआईसीआई लॉम्बार्ड, स्टार हेल्थ आदि कंपनियों ने इस तरह की पॉलिसी को शुरू किया है।
आंखों की बीमारी भी होती है कवर
4 of 5
मैक्स बुपा की गो एक्टिव पॉलिसी में आंखों में होने वाली बीमारी भी कवर होती है। इस पॉलिसी में चश्मा, कांटेक्ट लेंस और कान की सुनने वाली मशीन को खरीदने पर भी पैसा मिलता है। वहीं प्रत्येक व्यक्ति को एक साल में 2500 रुपये का चेकअप,सभी तरह की जांच और 10 बार डाक्टर की फीस (500-600 रुपये) प्रति सलाह को भी कवर किया जाता है।
इस कंपनी की पॉलिसी में मिलती है कैरी फॉरवर्ड की सुविधा
5 of 5
health insurance
स्टार हेल्थ और अपोलो म्युनिख में 15 हजार की सालाना प्रीमियम पर 5 हजार से लेकर के 8 हजार रुपये तक की ओपीडी सुविधा का लाभ मिलता है। इसके साथ ही अगर ओपीडी का क्लेम नहीं लिया गया है तो फिर उसको अगले साल कैरी फॉरवर्ड भी किया जा सकता है।
स्टार हेल्थ 5 लाख के सम एश्योर्ड और 15 हजार के प्रीमियम कवर पर 8635 रुपये का ओपीडी कवर दे रहा है। वहीं अपोलो म्युनिख 14224 रुपये के प्रीमियम में 5000 रुपये का ओपीडी कवर दे रही है।