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मोदी सरकार बिना गारंटी के दे रही है 10,000 रुपये का कर्ज, जानिए योजना के बारे में सबकुछ

Thu, 23 Jul 2020 11:29 AM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन की वजह से रोजगार और कारोबार प्रभावित हुए हैं। लोगों के पास पैसों की आ गई है और दोबारा काम दोबारा शुरू करने के लिए उन्हें फंड की जरूरत है। लेकिन बैंक की लंबी प्रक्रिया और ऊंचे ब्याज दरों की वजह से लोग कर्ज लेने से कतरा रहे हैं। ऐसे में नरेंद्र मोदी सरकार 'आत्मनिर्भर निधि' योजना के तहत लोगों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। सरकार 10,000 रुपये तक का कर्ज दे रही है। आइए जानते हैं इसके बारे में।
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रुपये - फोटो : pixabay
रेहड़ी, पटरी लगाने वाले छोटे कारोबारी अब 'आत्मनिर्भर निधि' योजना के तहत 10,000 रुपये तक का कर्ज देशभर में फैले 3.8 लाख साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) केंद्रों के जरिए ले सकेंगे। सरकार की डिजिटल और ई-गवर्नेंस सेवा इकाई सीएससी ई-गवर्नेंस सविर्सिज इंडिया लिमिटेड ने यह जानकारी दी। 
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रेहड़ी पटरी वाले - फोटो : pixabay
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना पूरी तरह से आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित है। इस योजना के तहत रेहड़ी, पटरी और खोमचा लगाने वाले छोटे कारोबारियों को 10,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जाती है। योजना के तहत कर्ज लेने वाले इन उद्यमियों को कर्ज का नियमित रूप से भुगतान करने प्रोत्साहन भी दिया जाता है और डिजिटल लेनदेन पर पुरस्कृत भी किया जाता है। 
 

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रुपये - फोटो : pixabay
योजना से रेहड़ी पटरी वालों को औपचारिक स्वरूप मिलेगा और इस क्षेत्र के लिए नए अवसर खुलेंगे। सीएससी योजना के तहत इन छोटे कारोबारियों का पंजीकरण करने में मदद करेगी। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव संजय कुमार ने कहा कि योजना के तहत शहरी क्षेत्र के रहड़ी पटरी वालों को 10,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी उपलब्ध होगी। 
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यह पूंजी एक साल की अवधि के लिए होगी और इसका मासिक किस्तों में भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि इस कर्ज के लिए कर्ज देने वाले संस्थान द्वारा कोई रहन अथवा गारंटी नहीं ली जाएगी। सभी कारोबारियों को डिजिटल लेनदेन करना होगा, उन्हें इसमें कैशबैक की पेशकश मिलेगी। कुमार ने कहा कि योजना के लिए सिडबी को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है और अब तक इसके तहत दो लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं जबकि 50 हजार कारोबारियों को कर्ज मंजूर किया गया है।
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