अब से नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश करना आसान हो गया है। पेंशन फंड रेग्यूलेटरी एंड डेवलपमेंट फंड (पीएफआरडीए) ने निवेश करने के तरीकों को काफी सरल कर दिया है, जिससे अब कोई भी व्यक्ति इसमें खाता खोल सकेगा। इसके साथ ही पीएफआरडीए ने अब मिनिमम बैलेंस रखने के अमाउंट को भी काफी कम कर दिया है। वहीं अब खाताधारक मोबाइल ऐप के जरिए भी कई सारे काम कर सकेंगे।
हम आपको बताने जा रहे हैं वो 5 जरूरी बदलाव, जो पीएफआरडीए ने हाल ही में लागू किए हैं।
विज्ञापन
2 of 6
हजार रुपये का कर सकते हैं निवेश
एनपीएस खाताधारक अब अपने टियर 1 खाते में एक वित्तीय वर्ष में कम से कम हजार रुपये का निवेश कर सकते हैं। पहले इसके लिए न्यूनतम राशि 6 हजार रुपये थी, जिसको घटाकर के इतना कर दिया गया है। पहले राशि जमा न करने पर अकाउंट फ्रीज हो जाता था।
विज्ञापन
3 of 6
मिनिमम बैलेंस की बाध्यता की खत्म
पीएफआरडीए ने इसके साथ ही टियर 1 अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने की बाध्यता को खत्म कर दिया है। पहले एक वित्तीय वर्ष में 2000 का बैलेंस रखने और कम से कम 250 रुपये का निवेश करना जरूरी होता था।
4 of 6
aadhaar
ऑनलाइन कर सकते हैं आधार से लिंक
अब एनपीएस खाताधारक अपने पेंशन खाते को ऑनलाइन आधार से लिंक कर सकेंगे। पीएफआरडीए ने अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर इसकी सुविधा शुरू कर दी है। आधार से लिंक करने के लिए खाताधारक को अपनी आधार संख्या सबमिट करनी होगी, जिसके बाद उसके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी से वैरिफाई होने के बाद एनपीएस अकाउंट आधार से लिंक हो जाएगा।
विज्ञापन
5 of 6
स्कीम और फंड मैनेजर में कर सकेंगे बदलाव
पीएफआरडीए ने खाताधारकों को पेंशन स्कीम और फंड मैनेजर में बदलाव करने की मंजूरी भी दे दी है। अब खाताधारक अपने पेंशन फंड मैनेजर को साल में एक बार और स्कीम व इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में दो बार बदलाव कर सकेंगे।
मोबाइल ऐप के जरिए कर सकेंगे विथड्रॉल
पीएफआरडीए ने एनपीएस खाताधारकों को ऐप के जरिए विथड्रॉल करने की सुविधा भी दे दी है। इसके साथ टियर 2 अकाउंट से खाताधारक अपने बैंक अकाउंट में सीधे पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे।