अगर आप हाउसवाइफ हैं तो भी आपको अपनी तरफ से फाइनेंशियल प्लानिंग करनी चाहिए। आमतौर पर घर पर रहने वाली महिलाएं महीने के आखिर में पैसे को सेव करने के लिए ट्रेडिशनल तरीके अपनाती हैं, जिनको अब समय के साथ बदलना जरूरी है। घरेलू महिलाओं को एक तो फाइनेंशियल प्लानिंग की समझ काफी कम होती है, क्योंकि उनको पता ही नहीं होता है कि पैसे को कैसे और किस तरह से इन्वेस्ट किया जाए। कामकाजी महिलाओं के उलट ऐसी महिलाओं को घर के सदस्य भी इस तरह की जानकारी देने से बचते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे वो अपनी छोटी-छोटी कैश सेविंग को भी अच्छे से इन्वेस्ट करके भविष्य में अपने परिवार के लिए अच्छा पैसा जोड़ सकती हैं।
म्युचुअल फंड में निवेश करने से होगा फायदा
घरेलू महिलाएं हर महीने कम से कम 500 से लेकर के 1000 रुपये सेव कर रही हैं तो इसको वो म्युचुअल फंड में निवेश कर सकती हैं। म्युचुअल फंड में निवेश से अच्छे रिटर्न मिलने संभव रहती है। एमरजेंसी फंड के लिए लिक्विड या अल्ट्रा शॉर्ट टर्म फंड उपयोगी होते हैं। हर लक्ष्य के लिए एसआईपी के जरिए निवेश करना बेहतर होता है। म्युचुअल फंड में घर बैठे ऑनलाइन निवेश संभव है।
किटी पार्टी के ड्रॉ में न ले हिस्सा
महिलाएं अक्सर ग्रुप में किटी पार्टी का आयोजन करती हैं या फिर उसके ड्रॉ में हिस्सा लेती हैं। ऐसी महिलाओं को सलाह है कि किटी पार्टी तो करें, लेकिन ड्रॉ में हिस्सा ना लें। किटी पार्टी में पैसे लगाने पर कोई रिटर्न नहीं मिलता। किटी के पैसे को एसआईपी के जरिए बैलेंस्ड फंड में लगाएं। फंड से मिली रकम का भविष्य में अच्छा इस्तेमाल संभव है।
अपने पति के साथ करें चर्चा
किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने पति से जरूर चर्चा करें। अगर पति-पत्नी दोनों को इसे बारे में समझ नहीं है कि फाइनेंशियल प्लानर की मदद ले सकते हैं। फाइनेंशियल प्लानर अगर मौजूद नहीं है तो फिर ऐेसे दोस्त या रिश्तेदार के साथ बात करें, जो निवेश के लिए सही तरह की सलाह दे सके।
बैंक में खोले खाता
अगर महिला के नाम पर किसी तरह का कोई बैंक में खाता नहीं खुला है तो जीरो बैलेंस खाता बैंक में जाकर के खोल सकते हैं। इससे हर महीने घर में सेव किए गए पैसे को आप जमा कर सकते हैं। इसके अलावा बैंक में आरडी अकाउंट भी खुलता है, जिसमें हर महीने एक निश्चित राशि को जमा किया जा सकता है। इस पर ब्याज भी अच्छा मिलता है और साथ ही एक लंबी राशि आप इमरजेंसी के वक्त निकाल सकते हैं।