अगर कोई करदाता इस योजना के तहत 31 मार्च, 2020 से पहले आवेदन करता है, तो उससे विवाद से जुड़ा कोई भी सवाल नहीं किया जाएगा। आयकर विभाग सिर्फ विवाद में फंसी राशि लेकर उसे मामला सुलझाने का प्रमाण पत्र जारी कर देगा। इसके अलावा, जो करदाता 1 अप्रैल से 30 जून, 2020 के बीच में आवेदन करते हैं, तो उन्हें विवादित राशि के साथ उसका 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क के रूप में चुकाना होगा। ऐसे करदाता जिन्होंने शुल्क, ब्याज या जुर्माने की राशि को लेकर मुकदमा दायर किया है, उन्हें 31 मार्च तक 25 फीसदी विवादित शुल्क या 30 जून तक 30 फीसदी विवादित शुल्क चुकाकर इससे छुटकारा मिल सकता है।
अगली स्लाइड में जानते हैं आप कैसे छह स्टेप्स में इसका फायदा उठा सकते हैं।