आज से आपकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई चीजों में बदलाव आने जा रहा है। मसलन, अब दुकानदार को पुराने स्टॉक पर नए एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) के स्टीकर लगाने की अनुमति नहीं होगी यानी उन्हें केवल नए एमआरपी वाले प्रोडक्ट बेचने की इजाजत होगी। इसी तरह स्टेट बैंक में न्यूनतम बैलेंस के नियम में परिवर्तन होने जा रहा है। ऐसे ही छह बदलावों पर एक नजर.....
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नई एमआरपी पर मिलेगा सामान
इस साल एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद पुराने स्टॉक को क्लियर करने के लिए दी गई 30 सितंबर की मोहलत खत्म हो गई है। आज से नए एमआरपी के स्टिकर लगाकर सामान बेचते पकड़े जाने पर कार्रवाई हो सकती है यानी सिर्फ नए एमआरपी वाले प्रोडक्ट ही बेचने की अनुमति होगी।
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toll plaza
टोल प्लाजा पर नहीं लगेगी लाइन
देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने टोल प्लाजा पर फास्टैग लेन तैयार हो गए हैं। इसके बाद आज यानी 1 अक्टूबर से इन टोल प्लाजा पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस फास्टैग को ऑनलाइन भी रिचार्ज करवाया जा सकता है। इसके लिए कई बैंक सुविधाएं दे रहे हैं।
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एसबीआई
- फोटो : File Photo
स्टेट बैंक का न्यूनतम बैलेंस घटेगा
स्टेट बैंक में पांच हजार रुपये के न्यूनतम बैलेंस के नियम के कारण जो लोग खाता नहीं खोल पा रहे थे, उनके लिए बैंक ने इस बैलेंस को घटाकर 3000 रुपये कर दिया है। इसके अलावा नाबालिगों, पेंशनभोगियों और सब्सिडी वाले खातों में न्यूनतम बैलेंस का नियम लागू नहीं होगा।
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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
- फोटो : SBI
खाता बंद कराने पर नहीं लगेगा चार्ज
स्टेट बैंक ने खाता बंद करने पर लगने वाले चार्ज को भी खत्म कर दिया है। इसके तहत एक साल पुराने अकाउंट को 14 दिन के अंदर खाता बिना चार्ज के बंद कराया जा सकता है लेकिन 14 दिन से एक साल के भीतर बंद कराने पर 500 रुपये का शुल्क और जीएसटी लागू होगा।
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sbi
स्टेट बैंक में विलय हुए बैंकों के चेक नहीं चलेंगे
स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर और महिला बैंक के स्टेट बैंक में विलय के बाद इन बैंकों के चेक की वैधता अवधि 30 सितंबर तक थी।
फोन पर सस्ता हुआ बात करना
दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने एक अक्तूबर से एक नेटवर्क से दूसरे में कॉल ट्रांसफर करने के लिए वसूले जाने वाले इंटरकनेक्शन यूजर चार्ज (आईयूसी) को 14 पैसे प्रति कॉल से घटाकर छह पैसे प्रति कॉल करने की घोषणा की है। अगर इस पर अमल होता है तो मोबाइल कॉल दरों में कमी आ सकती है।