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बच्चों के लिए शुरू करना है म्यूचुअल फंड तो संयुक्त खाते से करें निवेश, होगा बड़ा फायदा

Sat, 28 Dec 2019 12:39 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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- फोटो : अमर उजाला
बच्चों के भविष्य को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए कई अभिभावक म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। अभी तक अभिभावक अपने नाम से ही बच्चों के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश कर देते हैं, जो बच्चे के बालिग होने के बाद भी जारी रहता है। इस समस्या से बचने के लिए बाजार नियामक सेबी ने बच्चों के नाम म्यूचुअल फंड में निवेश के नियमों में बदलाव किया है। 
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investment
दरअसल, नाबालिग होने के नाते बच्चों की कोई केवाईसी या आमदनी नहीं होती है। ऐसे में कई संपत्ति प्रबंधन कंपनियां (एएमसी) केवाईसी पूरी कर चुके निवेशकों को बच्चों के नाम खाते खोलने का विकल्प देती हैं, लेकिन इसकी कोई तय गाइडलाइन नहीं थी।

इस मुश्किल को हल करते हुए सेबी ने बाकायदा नियम बनाकर बच्चों के नाम म्यूचुअल फंड में निवेश का रास्ता आसान कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब किसी फोलियो में निवेश नाबालिग के बैंक खाते या अभिभावक के साथ उसके संयुक्त खाते से ही किया जा सकता है। इसका भुगतान चेक, डीडी या अन्य स्वीकार्य तरीके से किया जा सकता है।
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निवेश - फोटो : पेक्सेल्स

सभी अभिभावक ध्यान दें

सेबी ने कहा है कि अभी तक अभिभावकों को नाबालिग निवेशकों की ओर से ट्रांजेक्शन की अनुमति थी, जो बच्चे के बालिग होने के बाद भी निवेश जारी रखते हैं। सेबी ने साफ किया है कि अभिभावक अब यह नहीं कर पाएंगे और कोई भी ट्रांजेक्शन तब तक नहीं होगा, जब तक नाबालिग व्यस्क होने पर अपना स्टेटस बदल नहीं देते और केवाईसी पूरा नहीं करते। साथ ही बैंक खाते की अपडेट डिटेल्स और नए खाते का एक कैंसिल चेक भी देना होगा।

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एएमसी को दिए निर्देश 

सेबी ने नई गाइडलाइन को सख्ती के साथ लागू करने के लिए एएमसी को भी निर्देश दिए हैं। सेबी ने कहा है कि एएमसी ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिसमें एसआईपी, एसटीपी और एसडब्ल्यूपी के समय नाबालिग के बालिग हो जाने पर अगर स्टेटस बदला न जाए तो निवेश अपने आप बंद हो जाए।

यह गाइडलाइन इस बात को सुनिश्चित करेगी कि जिस नाबालिग के नाम से आपने निवेश शुरू किया है। लंबी अवधि में उसे इसका लाभ अवश्य मिले। एएमसी को ऐसे मामलों में फोटो आधारित प्रोसेसिंग करनी होगी, जहां क्लेम करने वाला नाबालिग या संयुक्त खाताधारक है। 
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- फोटो : अमर उजाला

ये बातें जानना हैं जरूरी

  • म्यूचुअल फंड में बच्चों की हर जरूरत और लक्ष्य जैसे पढ़ाई, शादी, वैकेशन आदि के लिए अलग तरह के फंड हैं। 
  • हाइब्रिड श्रेणी के चिल्ड्रन गिफ्ट फंड में लॉक-इन पीरियड होता है, जहां लंबी अवधि का निवेश कर सकते हैं। 
  • जोखिम उठा सकते हैं तो बच्चों के लिए शुद्ध रूप से इक्विटी श्रेणी में करें निवेश। 
  • 8 साल से ज्यादा अवधि के लिए करना है निवेश तो इक्विटी बेहतर, 4-5 साल के लिए डेट फंड अच्छा रहेगा।
  • अभिभावक चाहें तो गोल्ड म्यूचुअल फंड या गोल्ड ईटीएफ में भी निवेश कर सकते हैं। 
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