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दिवाली पर अपनों को दें ये शानदार तोहफे, संवर जाएगा उनका भविष्य, नहीं आएगा कोई वित्तीय संकट

Fri, 13 Nov 2020 04:49 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिवाली निवेश विकल्प - फोटो : pixabay
दिवाली के शुभ त्योहार पर आप अपने दोस्तों और परिजनों को कोई ना कोई तोहफा जरूर देते हैं। इस बार भी आपको आपके चाहने वालों से कुछ ना कुछ उपहार जरूर मिलेगा। लेकन अक्सर हम तोहफे को लेकर सोच में पड़ जाते हैं कि वो परिजनों को पसंद आएगा भी या नहीं। इसलिए कुछ लोग सिर्फ पैसे दे देते हैं, ताकि लोग अपना मनचाहा तोहफा खरीद लें। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे अनोखे तोहफों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपके परिजन बेहद खुश हो जाएंगे क्योंकि इनके माध्यम से उनका भविष्य संवर जाएगा और कभी कोई वित्तीय संकट नहीं आएगा। आइए जानते हैं इनके बारे में।
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सुकन्या समृद्धि योजना - फोटो : अमर उजाला--रोहित झा
सुकन्या समृद्धि योजना
दिवाली पर आप अपनी बेटी को सुकन्या समृद्धि योजना का तोहफा दे सकते हैं। स्मॉल सेविंग स्कीम के तहत ही सरकार की सुकन्या समृद्धि नाम की एक खास योजना है, जिसमें निवेशकों को रिटर्न मिलता है और वे आसानी से अपने वित्तीय लक्ष्य पूरे कर सकते हैं। यह भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत महत्वाकांक्षी योजना है। 

इस योजना में बेटी के नाम पर 15 साल तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये सालाना का निवेश करना होगा। वहीं, एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम जमा राशि 250 रुपये है। इस योजना से आपको काफी फायदा होगा। यह राशि बेटी की पढ़ाई या शादी में लाभकारी रहेगी। अगर आपकी बेटी की उम्र 10 साल तक है, तो आप सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खोल सकते हैं। निवेश पर इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट भी मिलती है।

सुकन्या समृद्धि योजना में निवेशकों को सालाना 7.6 फीसदी ब्याज मिलता है। यह ब्याज दर भारत सरकार द्वारा हर वित्तीय वर्ष में तय की जाती है। सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोलने के बाद यह बेटी के 21 साल के होने या 18 साल की उम्र के बाद उसकी शादी होने तक चलाया जा सकता है।
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रुपये - फोटो : pixabay
अपनों के नाम पर खरीद सकते हैं एफडी
दिवाली के मोके पर परिजनों के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खरीदना एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। देश में बैंक मुख्य रूप से दो तरह के डिपॉजिट खाते ऑफर करते हैं। करंट या सेविंग खाता डिमांड डिपॉजिट्स कहलाते हैं जबकि फिक्स्ड या रिकरिंग डिपॉजिट्स को टर्म डिपॉजिट्स कहा जाता है। सेविंग अकाउंट बार-बार की जरूरतों के लिए खुलवाया जाता है, तो फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी के तहत जमा धन को एक निश्चित समय तक छोड़ना पड़ता है। इस अवधि में बैंक जमा रकम पर ब्याज देता है। 

बाजार में निवेश के तमाम आधुनिक विकल्प मौजूद होने के बावजूद आज भी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट करना सबसे आसान और सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। इसमें निवेशक को तय अंतराल पर निश्चित रिटर्न मिलना तय होता है, साथ ही बाजार के उतार-चढ़ाव का भी इस पर कोई असर नहीं पड़ता।

फिक्स्ड डिपॉजिट करवाने के फायदे 
किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में एफडी कराने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसमें किसी तरह का रिस्क नहीं रहता। एफडी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर भी सामान्य से ज्यादा होती है। 

इसके अलावा एफडी की समय अवधि समाप्त होने के बाद निवेशक को पूरी राशि ब्याज सहित वापस मिल जाती है। बैंकों की एफडी की दर समय दर समय बदलती रहती है। आमतौर पर सभी बैंक एफडी पर 8-10 फीसदी तक निश्चित रिटर्न देते हैं। अगर आप अपने परिजनों के नाम पर एफडी लेते हैं, तो ये तोहफा उन्हें काफी पसंद आएगा।

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रुपये - फोटो : pixabay
आरडी भी है अच्छा विकल्प 
सिर्फ एफडी ही नहीं, रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) भी दिवाली के तोहफे के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। आरडी में निवेश कर साधारण बचत खातों से ज्यादा ब्याज मिल सकता है। बचत खातों में आमतौर पर 3.5 से चार फीसदी रिटर्न मिलता है। वहीं आरडी में आपको सात से आठ फीसदी सालाना रिटर्न मिल सकता है। खास बाद यह है कि आरडी के जरिए आपका पैसा सुरक्षित रहता है। 

आरडी में मूल जमा राशि और ब्याज आमदनी की गारंटी दी जाती है, जो बुकिंग के वक्त की ब्याज दरों के हिसाब से मिलती है। इसके बाद जमा अवधि के दौरान कार्ड रेट में कोई बदलाव होने से भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उदाहरण के लिए, अगर आप एक वर्ष की अवधि के लिए छह फीसदी प्रति वर्ष की दर से एक आरडी खुलवाते हैं, तो यह ब्याज दर पूरी अवधि तक बरकरार रहेगी और इस बीच आपके बैंक की ब्याज दरों में कोई बदलाव होने पर आपकी जमा राशि पर मिलने वाली ब्याज आमदनी में बदलाव नहीं होगा।
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निवेश - फोटो : pixabay
म्यूचुअल फंड
पीपीएफ और फिक्स डिपॉजिट की ब्याज दरें लगातार घटती ही जा रही हैं। ऐसे में हम आपको एक और विकल्प के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हम बात कर रहे हैं म्यूचुअल फंड की, जिसमें आप न्यूनतम 500 रुपये निवेश कर सकते हैं। यानी आप 500 रुपये में अपने परिजनों को सुखद जीवन का तोहफा दे सकते हैं। आज म्यूचुअल फंड्स ने ऐसे कई रास्ते खोले हैं जिससे हम वो हर सपने पूरा कर सकते हैं जिन्हें हमने हमेशा से ही पूरा करना चाहा था। इन्हीं रास्तों में से एक है एसआईपी यानी सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। 

निवेश की राशि भले ही छोटी हो पर SIP लंबे समय में धीरे-धीरे धन संचयित करने की आसान व्यवस्था है। म्यूचुअल फंड्स एसआईपी निवेश से चक्रवृद्धिता का लाभ मिलता है। अर्थात पहले महीने का आपका मुनाफा आपके अगले महीने के मूलधन में जुड़ जाता है, जिससे आपका निवेश बढ़ता जाता है और आपका फायदा भी। जितने ज्यादा समय तक आप एसआईपी में निवेश करेंगे, उतना ही ज्यादा फायदा आपको मिल सकता है। इसलिए लंबे समय तक एसआईपी के जरिए निवेश करने से आपको धन संचय करने में मदद मिलती है। 
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