तीन महीने बाद शादिय़ों का सीजन शुरू हो जाएगा। कई लोग जिनके घरों में शादी है, वो महीनों पहले से इसकी तैयारियां शुरू कर देते हैं। भारत में शादी किसी बड़े त्योहार से कम नहीं होती है, क्योंकि इससे जुड़े कई सारे रीति रिवाज सभी को पूरा करने पड़ते हैं। हालांकि शादी करने या फिर कराने में बहुत सारा पैसा भी खर्च होता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं 5 ऐसे तरीकें जिनकी मदद से आप शादी में होने वाले फालतू खर्च को बचा सकते है।
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- फोटो : daily mail
शादी के लिए चुने शहर से बाहर के होटल या हॉल
शादी करने के लिए किसी भी तरह के नामचीन होटल को न चुनें। नामचीन होटल या बैंक्वेट हॉल ज्यादा पैसा चार्ज करते हैं और डेकोरेशन, कैटरिंग को भी खुद करते हैं। इसमें आपका ज्यादा पैसा लगता है। अगर पैसा बचाना है तो फिर किसी ऐसे होटल या बैंक्वेट हॉल को चुने जो शहर की सीमा से बाहर हो या फिर जो अपनी कैटरिंग या डेकोरेशन न करता हो। अगर हो सके तो खुद का हलवाई लगाएं, इसमें आपकी मेहनत तो होगी, लेकिन काफी पैसा भी बचेगा।
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खाने में रखे भारतीय भोजन
शादी की दावत में सबसे ज्यादा पैसा खर्च होता है। अगर आप मेन्यू में देशी के बजाए कॉन्टिनेंटल खाना रखेंगे, तो हलवाई या फिर कैटरर्स ज्यादा पैसा चार्ज करते हैं। इसमें प्रति प्लेट 500 रुपये का अंतर आता है। इसलिए दावत में पिज्जा, बर्गर जैसे विदेशी खाने को कतई शामिल न करें, बल्कि देशी व्यंजनों पर अपना फोकस रखें।
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- फोटो : demo
लहंगा, शेरवानी खरीदने के बजाए किराये पर लें
शादी में एक जरूरी खर्चा लहंगा या फिर शेरवानी खरीदने पर आता है। हालांकि इसको केवल एक बार पहना जाता है, लेकिन कई बार इन पर 20 हजार से लेकर के 5 लाख रुपये तक खर्च हो जाते हैं। ऐसे में आपको सलाह है कि लहंगा और शेरवानी किराए पर ले सकते हैं। इसके लिए ज्यादा पैसा खर्च नहीं करना पड़ता है। किराये के अलावा अब कई डिजाइनर्स कंपनियों ने बॉय बैक ऑफर भी शुरू किया है। इसके अलावा आप कपड़ा लेकर इसको टेलर से भी सिलवा सकते हैं, जोकि काफी सस्ता पड़ेगा।
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- फोटो : अमर उजाला
ज्वैलरी को भी लें किराये पर
शादी के ज्वैलरी खरीदने पर भी काफी खर्चा आता है। ऐसे में अब कई ज्वैलर्स आर्टिफिशियल डिजाइनर ज्वैलरी केवल शादी के लिए किराये पर देने लगे हैं। हालांकि छोटे शहरों में पहले से ही ऑर्टिफिशियल ज्वैलरी की मांग पहले से ही है। अब आप ड्रेस के हिसाब से मैच करती हुई ज्वैलरी भी किराये पर ले सकते हैं। इससे आप लाखों रुपये की बचत कर लेंगे।
शादी के कार्ड छपवाने से बचें
शादी के लिए पहला काम शादी के कार्ड छपवाने से शुरू होता है। हालांकि आज के समय में पेपर कार्ड छपवाना जरूरी नहीं है। इंटरनेट पर कई सारी ऐसी वेबसाइट्स हैं, जिनकी मदद से बढ़िया ई-वेडिंग कार्ड बन सकता है। इस कार्ड को डाउनलोड करके आप ई-मेल, फेसबुक, व्हाट्सऐप के जरिए अपने रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों को भेज सकते हैं। जो लोग टेक्नोलॉजी से वाकिफ नहीं है, उनके लिए थोड़ी मात्रा में कार्ड छपवा सकते हैं।