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GST: महंगा हो जाएगा ऑनलाइन शॉपिंग करना, रिफंड करना भी होगा मुश्किल

Mon, 26 Jun 2017 04:22 PM IST
amarujala.com- Written by: अनंत पालीवाल
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online sale
अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं और ई-रिटेलर वेबसाइट से सामान मंगाते हैं तो 1 जुलाई से ऐसा करना महंगा हो जाएगा। वहीं सामान पसंद न आने पर उसको रिफंड या फिर कैंसिल करना भी मुश्किल हो जाएगा। ये पांच कारण हैं, जिनकी वजह से जीएसटी के लागू हो जाने के बाद अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, शॉपक्लूस आदि वेबसाइट्स से शॉपिंग करना आपके लिए तकलीफ देगा। 
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ऑनलाइन शॉपिंग
नहीं मिलेगा डिस्काउंट और फ्री गिफ्ट
जीएसटी के लागू होने के बाद ये कंपनियां ग्राहकों को किसी तरह का डिस्काउंट या फिर फ्री गिफ्ट नहीं दे पाएंगी। अगर कोई ई-रिटेल कंपनी ऐसा करती है, तो उसको अतिरिक्त टैक्स देना होगा। इसके अलावा ऐसी कंपनियों को गुड्स सप्लाई करने वाली कंपनी या सप्लायर को भी सामान की कीमत पर टैक्स देना होगा। जब खरीदने से लेकर के बेचने पर टैक्स देना होगा तो कंपनी कैसे डिस्काउंट देगी?
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ऑनलाइन शॉपिंग - फोटो : Market Land
देना होगा 1 फीसदी टैक्स 
जीएसटी में आगे चलकर के ई-कॉमर्स वेबसाइट को 1 फीसदी टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) देना होगा। हालांकि अभी इसे लागू नहीं किया गया है, लेकिन आगे चलकर यह नियम पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगा। फिलहाल ये वेबसाइट्स किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं वसूलती हैं।

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ऑनलाइन शॉपिंग
सामान की होगी तेज डिलीवरी
जीएसटी में ऑर्डर किए गए सामान की तेज डिलीवरी कंपनियां कर सकेंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका पेपरवर्क काफी कम हो जाएगा। उदाहरण के तौर पर अगर आप नोएडा में रहते हैं और सामान आपने मुंबई की किसी कंपनी से मंगाया है तो फिर विक्रेता को अलग-अलग बिल फाइल करने होते थे। ऐसा अब कुछ भी नहीं होगा, जिससे आपको सामान जल्दी मिल सकेगा।
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Online shopping
सामान का रिटर्न, कैंसिल करना होगा मुश्किल
ई-कॉमर्स वेबसाइट से अगले महीने से सामान मंगाकर पसंद न आने पर उसको रिटर्न करना या फिर पेमेंट करने के बाद ऑर्डर करने के बाद कैंसिल करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनियों को 18 फीसदी टैक्स रिटर्न गुड्स पर देना होगा। टीसीएस के लागू होने के बाद कंपनियों को ही टैक्स वहन करना होगा।
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