रेलवे के अनुसार पंजीकरण कराने के लिए यात्रियों को सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर, नाम, शहर, रेल की डिफ़ॉल्ट बुकिंग, श्रेणी, टिकट का प्रकार, यात्रियों की संख्या और बार-बार यात्रा करने के मार्गों का विवरण देना होगा। पंजीकरण कराने पर यात्री का जीरो बैलेंस का रेल वॉलेट (आर-वॉलेट) अकाउंट खुद-ब-खुद खुल जाएगा। खास बात यह है कि आर-वॉलेट बनाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। रेलवे ने बताया है कि आर-वॉलेट को किसी भी यूटीएस काउंटर पर या वेबसाइट पर उपलब्ध विकल्प के माध्यम से रीचार्ज किया जा सकता है।