गुड्स एंड सर्विस टैक्स(GST) के लागू होने के बाद देश भर में मौजूद रेस्टोरेंट ग्राहको से खाने का ज्यादा पैसा वसूल रहे हैं। जहां सरकार ने रेस्टोरेंट पर जीएसटी दर 12 और 18 फीसदी तय कर रखी है, वहीं रेस्टोरेंट मालिक 28 फीसदी तक टैक्स वसूल रहे हैं। इसके अलावा खाने के मेन्यू के रेट भी बढ़ा दिए हैं।
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- फोटो : Internet
जीएसटी से पहले लगते थे ये तीन टैक्स
जीएसटी के लागू होने से पहले तीन तरह के टैक्स लगते थे। वैसे पूरे देश में 17 तरह के टैक्स और 22 सेस खत्म हो गए हैं। रेस्टोरेंट मालिक ग्राहकों से सर्विस टैक्स, वैट और सर्विस चार्ज वसूलते थे। इनमें सर्विस टैक्स की दर 15 फीसदी फिक्सड थी। वहीं सर्विस चार्ज वसूलना गैरकानूनी है, लेकिन इसको कई रेस्टोरेंट कुल बिल का 10 फीसदी तक चार्ज करते थे। वहीं वैट की दर हर राज्य में अलग-अलग थी।
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एसी, नॉन एसी के लिए अलग है जीएसटी दर
1 जुलाई से एसी रेस्टोरेंट में खाना खाने पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। नॉन एसी रेस्टोरेंट में खाना खाने पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। अगर नॉन एसी रेस्टोरेंट शराब सर्व करता है तो फिर 18 फीसदी टैक्स लगेगा। शराब पर जीएसटी लागू नहीं है, इस पर अभी भी वैट लगेगा।
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- फोटो : सोशल मीडिया
बर्गर, पिज्जा बेचने वाले रेस्टोरेंट पर लगेगा इतना जीएसटी
ऐसे रेस्टोरेंट जो कि फास्ट फूड और रेडी टी ईट खाना जैसे की बर्गर, पिज्जा, डोसा, इडली बेचते हैं उन पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। इसलिए अगर आप इस तरह के रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं, उन पर इस रेट से टैक्स दें। वैसे अब आपके लिए खाने का मेन्यू देखने के अलावा बिल पर भी गौर करना होगा। अगर आपको लगे कि कोई रेस्टोरेंट इससे ज्यादा टैक्स वसूल रहा है, तो उसकी शिकायत आप बिल की कॉपी के साथ जीएसटीएन अधिकारियों से कर सकते हैं।
75 लाख से कम टर्नओवर वालों पर लगेगा 5 फीसदी जीएसटी
ऐसे रेस्तरां जिनका सालाना टर्नओवर 75 लाख रुपए से कम है वहां केवल 5% जीएसटी ही लगेगा। कुछ राज्यों में सालाना टर्नओवर 50 लाख से कम होने पर 5% जीएसटी लगेगा। यह राज्य हैं- असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालिम, त्रिपुरा, सिक्किम और हिमाचल प्रदेश।