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अमेरिकी कंपनियों ने भारत पर जताया बड़ा भरोसा, जानें क्या-क्यों और कैसे?

Sun, 19 Jul 2020 03:07 AM IST
योगेश साहू बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
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विदेशी निवेश (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
भारत केंद्रित अमेरिकी व्यापार संगठन के प्रमुख ने कहा है कि अमेरिका से भारत को मिलने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का आंकड़ा इस साल अब तक 40 अरब डॉलर को पार कर चुका है। यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा, कोरोना महामारी में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पस्त हो चुकी है, तब अमेरिकी कंपनियों ने भारत और उसके नेतृत्व में बड़ा भरोसा जताया है।
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विदेशी निवेश (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
अघी ने कहा कि हाल ही के दिनों में अमेरिका से आया निवेश 40 अरब डॉलर से ज्यादा है। बीते कुछ सप्ताह में भारत में एफडीआई की घोषणा 20 अरब डॉलर से ज्यादा की गई है। इस दौरान उन्होंने गूगल, फेसबुक और वॉलमार्ट जैसी कुछ शीर्ष कंपनियों द्वारा की गई घोषणाओं का जिक्र भी किया।
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विदेशी निवेश (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
उन्होंने कहा, भारत में निवेशकों का भरोसा सबसे अधिक है और वैश्विक निवेशकों के लिए भारत अभी भी बेहद आशाजनक बाजार बना हुआ है। मुकेश अघी ने कहा कि मौजूदा दौर में जबकि अमेरिकी कंपनियां चीन से बाहर जाने की योजना बना रही हैं तब फोरम द्वारा नई दिल्ली के साथ मिलकर एफडीआई को भारत में लाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इस काम में ट्रंप प्रशासन का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

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विदेशी निवेश (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
पीएम मोदी का मजबूत इरादा
भारत-अमेरिकी रणनीतिक भागीदारी मंच के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा, हमें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इरादा काफी मजबूत है। भारत में मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने की कोशिशें की जा रही हैं। मैंने इतना बेहतर कभी नहीं देखा। उन्होंने कहा कि नीतिगत ढांचा सही दिशा में बढ़ रहा है।
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विदेशी निवेश (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
चीन पर से उठ रहा है भरोसा
इस हफ्ते की शुरुआत में व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार लैरी कुडलो ने कहा कि गूगल और फेसबुक जैसे अमेरिकी प्रौद्योगिकी दिग्गजों ने भारत में बड़े निवेश की घोषणा करते हुए दिखाया है कि लोग चीन पर भरोसा खो रहे हैं। भारत के प्रति बढ़ता विश्वास बताता है कि यह देश एक बड़े प्रतिस्पर्द्धी के रूप में उभर रहा है।
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