आईपीओ
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आईपीओ: तोड़े रिकॉर्ड कायम रहेगा जलवा
तकनीकी कंपनियों के दमदार प्रदर्शन और नए स्टार्टअप आने की बदौलत आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) ने इस साल सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। बीते 3 वर्षों में कुल इतने आईपीओ नहीं आए, जितने सिर्फ 2021 में आए। कर्ज चुकाने और कारोबारी विस्तार के लिए 63 कंपनियों ने कुल 1, 18, 704 करोड़ रुपये आईपीओ से जुटाए। यह पिछले साल 15 आईपीओ से जुटाए 26,613 करोड़ से करीब साढ़े चार गुना है।
आईपीओ का औसत आकार 1,884 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, पेटीएम, स्टारहेल्थ जैसे कुछ बड़े आईपीओ ने निवेशकों को निराश भी किया। इसके बाद आए आईपीओ में एक - दो को छोड़ बाकी नुकसान के साथ सूचीबद्ध हुए।
इस साल दमदार प्रदर्शन के बाद 2022 में आईपीओ से करीब 2 लाख करोड़ जुटाने का अनुमान है । अगले साल आईपीओ के लिए 15 अरब डॉलर का प्रस्ताव पहले ही सेबी को भेजा जा चुका है। 11 अरब डॉलर का प्रस्ताव जल्द भेजे जाने की संभावना है।
एलआईसी पर नजर
नए साल में हर किसी की नजर भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आईपीओ पर है। सरकार इस आईपीओ के जरिये अपनी हिस्सेदारी बेचेगी इससे 1 लाख करोड़ जुटाने की योजना है। अडानी विल्गर, ओला, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसी कंपनियां भी आईपीओ ला सकती हैं।