सांकेतिक तस्वीर
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महंगी होंगी गाड़ियां
देश में एक अप्रैल से नए उत्सर्जन मानक लागू हो जाएंगे। इससे वाहन निर्माता कंपनियां बीएस-6 के दूसरे चरण के कड़े उत्सर्जन नियम के अनुसार गाड़ियां बनाना या पुरानी गाड़ियों के इंजन अपडेट करना शुरू कर चुकी हैं। इससे कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ रही है। यही वजह है कि मारुति, टाटा मोटर्स, होंडा, किआ और हीरो मोटोकॉर्प समेत कई कंपनियां वाहनों के दाम बढ़ाने वाली हैं।
बंद हो सकती हैं ऑल्टो समेत कई कारें
प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन पर लगाम लगाने के लिए सरकार नए नियम ला रही है। एक अप्रैल से रियल टाइम ड्राइविंग एमिशन (आरडीई) और बीएस-6 का दूसरा चरण लागू हो जाएगा। नए नियमों का पालन नहीं करने वाली गाड़ियों की बिक्री नहीं होगी। इस कारण, मारुति ऑल्टो, होंडा कार्स की डब्ल्यूआरवी और ह्यूंडई आई20 डीजल समेत कई कारों की बिक्री बंद हो सकती है।
टोल टैक्स: सात फीसदी तक महंगा
देश में टोल टैक्स महंगा हो जाएगा। यूपी में यह 7 फीसदी तक महंगा हो जाएगा। नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर बढ़ी दरों से टोल की वसूली की जाएगी। वृद्धि एकल यात्रा से लेकर मासिक पास तक पर लागू होगी।
कबाड़ नीति: हटेंगे 15 साल पुराने वाहन
वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने, गाड़ियों की ईंधन एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार एक अप्रैल से वाहन कबाड़ नीति लागू करने जा रही है। इसके तहत देश में 15 साल पुराने वाहनों को कबाड़ में भेजने की तैयारी है। सरकार ने साफ किया है कि कौन सी गाड़ियां कबाड़ में जाने वाली हैं। कबाड़ में भेजी जाने वाली गाड़ियों को रिसाइकिल किया जाएगा। इससे धातु, रबड़, कांच आदि कई वस्तुएं प्राप्त होंगी, जिनका वाहन बनाने में दोबारा इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस नीति के तहत अगर कोई अपने वाहनों को कबाड़ में भेजता है और उसकी जगह नई गाड़ी खरीदता है तो उस नई गाड़ी पर 25 फीसदी तक रोड टैक्स में छूट दी जाएगी।
यूपी: 22 रुपये किलो बिकेंगे वाहन
यूपी में कबाड़ सेंटर में वाहन बेचने पर 22 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दाम मिलेगा। इसमें वाहन के कुल वजन का 65 फीसदी हिस्सा ही मूल वजन माना जाएगा और उस रकम का भी 90 फीसदी ही भुगतान होगा। राज्य सरकार ने दो लक्ष्य तय किए हैं। पहला, सभी सरकारी वाहनों को स्क्रैप करना है। दूसरा, निजी वाहन भी इस नीति के दायरे में आएंगे, जिनके लिए स्वैच्छिक नीति तय की गई है।