न्यू इंडिया सहकारी बैंक के पूर्व महाप्रबंधक (जीएम) हितेश मेहता अपने दो कर्मचारियों को फोन करके निर्देश देते थे कि वे बैंक की तिजोरियों से एक बार में 50 लाख रुपये निकाल लें। वे पैसे उन लोगों को सौंपने का भी फरमान सुनाते थे, जिन्हें उन्होंने बैंक भेजा है। पुलिस अधिकारियों ने यह बड़ा खुलासा किया है। मेहता और ‘रियल एस्टेट डेवलपर’ धर्मेश पौन बैंक से 122 करोड़ रुपये के कथित गबन के सिलसिले में रविवार से हिरासत में हैं, जिसका खुलासा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की जांच के बाद हुआ था। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मामले की जांच कर रही है।