रिकॉर्ड स्तर से करीब 7000 रुपये नीचे है सोने का दाम
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रिकॉर्ड स्तर से करीब 7000 रुपये नीचे है सोने का दाम
2020 में सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश तथा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले साधनों में से एक बनकर उभरा। कोरोना वायरस के प्रभाव को कम करने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों और सरकारों द्वारा राजकोषीय उपायों ने पिछले साल सोने की कीमतों में 25 फीसदी से अधिक की वृद्धि की थी, जबकि चांदी लगभग 50 फीसदी बढ़ गई थी। सोने को मुद्रास्फीति और मुद्रा में आई गिरावट के खिलाफ बचाव के रूप में देखा जाता है। सोना संकट के समय में भी महंगाई को मात देने की ताकत रखता है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलरी एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के अनुसार, 31 दिसंबर 2019 को घरेलू बाजार में सोने का भाव 39,240 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो कि पिछले साल सात अगस्त को 43 फीसदी बढ़कर 56,126 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद वैक्सीन की खबरों से सोने की कीमत में नरमी आई और हाजिर बाजार में सोने के भाव फिलहाल 49 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब है। यानी दाम रिकॉर्ड कीमत से करीब सात हजार रुपये प्रति 10 ग्राम नीचे है।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि जुलाई 2019 में सोने पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी किया गया था। इसके चलते सोने के दाम काफी बढ़े हैं। इसे देखते हुए सरकार सोने और चांदी पर सीमा शुल्क को तर्कसंगत बनाएगी। इस घोषणा के बाद सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आएगी। भारत बड़े पैमाने पर सोने का आयात करता है। चीन के बाद भारत सोने का सबसे बड़ा खरीदार है। वित्त मंत्री के इस फैसले से सोने की तस्करी पर भी अंकुश लगेगा।
ऐसे में हम आपको सोने में निवेश के कुछ विकल्प बताने जा रहे हैं, जिनसे आपको बहुत फायदा होगा।