सोने-चांदी के भाव
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बढ़ती महंगाई बुलियन के आकर्षण को कर सकती है कमजोर
त्यागराजन के अनुसार, "बाजार प्रतिभागी अब अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ युग, आर्थिक नीतियों और मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत तक लाने के फेड के आदेश पर उनके संभावित भावी प्रभाव को ध्यान में रख रहे हैं। उच्च मुद्रास्फीति की आशंका बुलियन के आकर्षण को कमजोर कर सकती हैं।" उन्होंने कहा, "इसके अलावा, हमें यह देखकर आश्चर्य नहीं होगा कि फेड मई से ब्याज दरों में कटौती का विकल्प चुनता है, क्योंकि इससे नए प्रशासन की वास्तविक आर्थिक नीतियों के बारे में स्पष्ट तस्वीर बन सकेगी, न कि विदेशी समकक्षों के साथ बातचीत में लाभ प्राप्त करने के लिए की गई टिप्पणियों के बारे में।" उन्होंने कहा कि 2025 की पहली छमाही में सोने के लिए मंदी का पूर्वानुमान है, इसके 2,455 अमेरिकी डॉलर (एमसीएक्स: 73,000-73,500) तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि रुपये में और गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे आगामी वर्ष में अंतरराष्ट्रीय कीमतों के सापेक्ष स्थानीय कीमतों में गिरावट रुक सकती है। घरेलू बाजार में, इस वर्ष जुलाई में सरकार द्वारा सोने के आयात शुल्क में 6 प्रतिशत की कटौती करने के निर्णय से सोने की कीमतों में 7 प्रतिशत की तीव्र गिरावट आई, जो 5,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के बराबर थी।